बदहाल अस्पताल में सब ओके!

Etawah Updated Thu, 24 Oct 2013 05:40 AM IST
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इटावा। स्पेशलिस्ट और जनरल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल में एडिशनल डायरेक्टर हेल्थ डॉ, पीएल गुप्ता को सब कुछ ओके मिला। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण किया। जननी सुरक्षा योजना की हकीकत परखने के लिए लाभार्थी को फोन मिलाकर चेक का सत्यापन किया। इस दौरान डाक्टरों की कमी को उन्होंने प्रदेशव्यापी समस्या बताया। सीएमओ कार्यालय, निर्माणाधीन पोस्टमार्टम हाउस और जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद वह कानपुर रवाना हो गए। एडी के निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों में खलबली मची रही।
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एडी स्वास्थ्य डॉ. पीएल गुप्ता कानपुर से परियोजना मैनेजर राजेेंद्र सिंह और मंडलीय सहायक अभियंता को लेकर सबसे पहले सीएमओ कार्यालय पहुंचे। यहां सीएमओ डॉ. मंजू शर्मा से जिले की पीएचसी, सीएचसी और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी हासिल की। ग्रामीण इलाकों मेें चिकित्सक व दवाओं की उपलब्धता, टीकाकरण, मातृ शिशु देखभाल आदि का ब्योरा लिया। इसके बाद निर्माणाधीन पोस्टमार्टम हाउस का निरीक्षण करने पहुंचे। काम रुका हुआ देख एडी हेल्थ ने सवाल किया तो सीएमएस डॉ. वीएस अग्निहोत्री और सीएमओ डॉ मंजू शर्मा ने बताया कि शासन ने पहली किस्त में 50 प्रतिशत धनराशि जारी की थी, वह समाप्त हो चुकी है। दूसरी किस्त का इंतजार हो रहा है। इसके बाद जिला अस्पताल पहुंचे एडी ने यहां सबसे पहले उपस्थिति रजिस्टर चेक किया। दो कर्मचारी अनुपस्थित मिले। बताया गया कि एक मेडिकल और दूसरा कैजुअल लीव पर है। स्टोर रूम में दवाओं का स्टाक और रजिस्टर का मिलान सही पाया गया। ओपीडी रजिस्टर चेक किया गया। जिला अस्पताल में शारीरिक कमजोर नवजात शिशुओं के लिए विशेष कक्ष का निर्माण होना है। टीम को बताया गया कि दस बेड वाले विशेष कक्ष के लिए जगह तय कर ली गई है जल्द ही इसका निर्माण हो जाएगा। सीएमएस ने विशेष कक्ष के लिए रेडिएंट हीट वार्मर मशीन की आवश्यकता पर बल दिया। इस पर टीम ने मशीन को जल्द उपलब्ध कराने के लिए शासन को लिखने की बात कही। इसके अलावा नवजातों के लिए दस बेड का न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर बनाए जाने पर चर्चा हुई। सीएमएस ने इसके लिए जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में जगह उपलब्ध होने की बात बताई। मेडिकल वेस्टेज के प्रशभन पर बताया गया कि कानपुर की एमपीसीसी हर दूसरे दिन बायोमेडिकल वेस्टेज उठाती है। प्रस्तावित100 बेड के महिला मेटरनिटी विंग के लिए जिला अस्पताल में ही जगह लोकेट की गई। यहां आठ मंजिला इमारत में यह विंग संचालित किया जाएगा। इसके बाद एडी की टीम ने वार्डों का निरीक्षण किया और मौजूद डाक्टरों को बेहतरीन सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम कानुपर रवाना हो गई।
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फोन कर जानी जननी सुरक्षा योजना की हकीकत
टीम ने जननी सुरक्षा योजना की जानकारी हासिल की। 21 अक्तूबर को जिला अस्पताल में भर्ती हुईं इकदिल निवासी पूजा को फोन मिलाकर एडी हेल्थ ने उससे प्रसव और चेक मिलने के बारे में पूछ कर सत्यापन किया। प्रसव के बाद दो तिहाई मातृ-शिशु को घर नहीं छुड़वाया जा रहा है। सीएमएस ने बताया कि एक एंबुलेंस होने के कारण ड्राप बैक अनुपात कम है।
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ब्लड बैंक की प्रगति पर जताई खुशी
एडी हेल्थ ने ब्लड बैंक की अक्तूबर माह की प्रगति रिपोर्ट मंागी। अमर उजाला की ओर से रक्तदान दिवस पर 86 यूनिट ब्लड इकट्ठा किया गया था। मंडल में कानपुर नगर के बाद इटावा ही दूसरे नंबर पर रहा। बताया गया कि इस माह 150 यूनिट ब्लड इश्यू किया गया। इसमें से 36 यूनिट बिना रिप्लेसमेंट में दिया गया। ब्लड बैंक की प्रगति देख एडी ने खुशी व्यक्त की।
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बड़ी एक्सरे मशीन की मांग
सीएमएस डॉ. वीएस अग्निहोत्री ने टीम को बताया कि जिला अस्पताल में मात्र एक छोटी एक्सरे मशीन काम कर रही है। इससे कुछ विशेष एक्सरे नहीं हो पाते हैं। बताया कि बड़ी मशीन कई साल से खराब है इसके लिए कई बार शासन को लिखा गया। इस पर एडी ने बड़ी एक्सरे मशीन की मांग की चिट्ठी शासन को लिखने के निर्देश दिए।
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