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एमसीटीएस नंबर होने पर ही दी जाएगी चेक

Etawah Updated Thu, 08 Aug 2013 05:34 AM IST
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इटावा। गर्भवती महिला को निर्धारित समय पर डॉक्टरी चेकअप की सुविधा मिले, इसके लिए मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) योजना में कुछ बदलाव किए गए हैं। इसके तहत आशाओं को और जिम्मेदार बनाने का प्रयास हो रहा है। योजना के तहत गर्भवती महिला के पास एमसीटीएस नंबर होना जरूरी कर दिया गया है। इस नंबर के होने पर ही उसे प्रसव के बाद एक हजार या 1400 रुपये की रकम मिलेगी, जो सीधे उसके खाते में जाएगी। यह व्यवस्था पहली अक्तूबर से लागू हो जाएगी।
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एनआरएचएम की यह योजना गर्भवती और नवजात बच्चों के लिए है। किसी भी गर्भवती महिला को डॉक्टर के पास ले जाने की जिम्मेदारी आशा को दी गई है। इस काम में कई बार आशाएं लापरवाही बरतती हैं। इससे गर्भवती महिला का नियमित चेकअप नहीं हो पाता। नतीजतन प्रसव के समय दुश्वारियां पेश आती हैं।
आशाओं पर शिकंजा कसने के लिए अब यह प्रावधान किया गया कि आशा जिस गर्भवती महिला को सीएचसी या पीएचसी पर चेकअप के लिए लेकर आएगी। वहीं पर महिला को एमसीटीएस के तहत पंजीकृत करके एक नंबर दिया जाएगा। महिला द्वारा मोबाइल नंबर, आधार कार्ड नंबर और राशनकार्ड नंबर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस एमसीटीएस नंबर को पोर्टल पर फीड किया जाएगा। उच्चाधिकारी समय-समय पर गर्भवती महिला से चेकअप और टीकाकरण आदि की जानकारी हासिल करेंगे।
इससे यह लाभ होगा कि चेकअप कराने के मामलों में यदि आशाएं झूठ नहीं बोल सकेंगी। वैसे तो जिले में यह योजना लागू भी है। लेकिन शत प्रतिशत गर्भवती महिलाओं के पास एमसीटीएस नंबर उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए मॉनीटरिंग कार्य भी असरकारक नहीं है। अब केंद्र सरकार ने प्रावधान किया है कि जिस गर्भवती महिला के पास एमसीटीएस नंबर नहीं होगा। उसे पहली अक्तूबर से जननी सुरक्षा योजना के तहत एक हजार या 1400 रुपये का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही इसके लिए आशाओं को भी जिम्मेदार माना जाएगा। उन्हें इस कार्य के लिए मिलने वाले पूरे 600 रुपये नहीं दिए जाएंगे। इसमें से 300 रुपये की कटौती कर ली जाएगी।
उधर, इस संबंध में एनआरएचएम के डीपीएम संदीप दीक्षित का कहना है कि एमसीटीएस पोर्टल पर नंबरों की फीडिंग चल रही है। जिले में 9110 गर्भवती महिलाएं और 3500 शिशुओं को पंजीकृत कर फीड किया जा चुका है। एक अक्तूबर से वही आशाएं पूरी धनराशि प्राप्त कर सकेंगी जो एमसीटीएस नंबर दर्ज कराएंगी। जनवरी से आशाआें के लिए दवाएं उपलब्ध कराना और गर्भवती महिला की तीन जांचें करवाना भी आवश्यक हो जाएगा।

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