नाटक ‘ताज का टेंडर’ में व्यवस्था पर कड़ा प्रहार

Etawah Updated Thu, 20 Dec 2012 05:30 AM IST
इटावा। सैफई महोत्सव के तहत बुधवार को चौधरी चरण सिंह डिग्री कालेज हैंवरा में नाटक ‘ताज का टेंडर’ का मंचन किया गया। नाटक में मौजूदा व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया गया। नाटक का यह संवाद- सुधीर, हम सरकारी अफसर हैं। हम पर जिम्मेदारी सिर्फ जिम्मेदारी सौंपने के लिए भर के लिए होती है। जिम्मेदारी से काम करने की नहीं। हम पर जितनी जिम्मेदारी डाली जाती है, उसे उतनी जिम्मेदारी से करना नहीं होता। सुधीर भी साहब की बात से खुश हो जाता है। कटाक्ष भरी ये लाइनें समूची व्यवस्था की सच्चाई उजागर करती है।
जाने माने मंचीय नाटककार अजय शुक्ला द्वारा 20 साल पहले लिखे गए नाटक ‘ताज का टेंडर’ के मंचन के दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल रहे। दरअसल ताज का टेंडर यह बताने की कोशिश करता है कि यदि शाहजहां अपनी मरहूम बेगम मुमताज की याद में अब ताज महल बनवाते तो उन्हें क्या क्या परेशानी सहनी पड़ती। फिल्म से ज्यादा रीयल एक्टिंग करने वाले कलाकारों ने इस नाटक की ऐसी प्रस्तुति की कि ढाई घंटे लोगों के मुुंह खुले के खुले रह गए। चुटीले व्यंग्य पर ताली और ठहाकों से पूरा आडीटोरियम गूंज उठता था। मुख्यमंत्री भी बगैर ठहाके लगाए नहीं रहे। नाटक के जरिए बताया गया कि शाहजहां ताज महल बनवाने की इच्छा जाहिर करते हैं। ताज महल बनवाने की जिम्मेदारी जिसे दी गई वो ताजमहल बनवाने के सिवाय सारे काम करता है। शाहजहां हर सप्ताह मीटिंग कर निर्माण की प्रगति जानते हैं लेकिन उनके हाथ सिर्फ आश्वासन और योजनाओं का पिटारा ही मिलता है। इतना ही नहीं, ताज महल के लिए जमीन खरीदने उसे बनवाने के लिए ठेकेदार, बिल्डर और सरकारी अफसरों की मिलीभगत की बड़े बेहतरीन तरीके से प्रस्तुति दी गई। गंभीर किस्म के नाटक में कलाकार यहां दर्शकों को ठहाके लगाने का मौका भी देते हैं। शाहजहां एक जगह कहते हैं कि ताज महल निर्माण की जिम्मेदारी दाराशिकोह नहीं दी जाए। दाराशिकोह इन दिनों दिन भर पड़ा पड़ा इंटरनेट पर गंदी गंदी साइट देखता रहता है।
एक संवाद में ताज महल बनवाने की जिम्मेदारी लेने वाले गुप्ता जी अपनी पत्नी से कहते हैं, अरी विद्या तुम अपने लिए ताज महल बनवाने के लिए इतना क्यों परेशान हो। ताज महल तो मकबरा है। इसे मरने के बाद बनवाया जाता है, विद्या पहले तुम मरो तो...। इन चुटेले गुदगुदाते संवादों के साथ कबीर बेदी, अवतार गिल समेत 13 कलाकारों ने श्याम-श्वेत बैक ग्राउंड पर शानदार प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सैफई के प्रधान दर्शन सिंह ने सभी कलाकारों को सम्मानित भी किया।

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