रसोई गैस की ‘आग’ से बदला खरीददारी का ट्रेंड

Etawah Updated Mon, 22 Oct 2012 12:00 PM IST
इटावा। रसोई गैस की बढ़ी कीमतों से ने इस बार त्योहारों पर होने वाली खरीददारी का ट्रेंड भी बदल दिया है। ग्राहकों का रुख भांपकर इलेक्ट्रानिक उत्पाद वाली कंपनियों ने ऐसे उत्पाद बाजार में उतार दिए हैं जो रसोई गैस का विकल्प बन सकें। लोगों का इन उत्पादों की ओर खासा रुझान दिख रहा है। बाजार में आए इंडक्शन कुकर, माइक्रोवेव ओवन जैसे उपकरणों की ओर बढ़े रुझान का ही असर है कि दुकानदार भी धनतेरस की बिक्री के लिए ही अभी से ही इनका स्टॉक करने लगे हैं।
केंद्र सरकार ने रसोई गैस पर राशनिंग की व्यवस्था लागू की है जिससे उपभोक्ताओं को एक साल में सब्सिडी वाले सिर्फ छह सिलेंडर ही मिलेंगे। बगैर सब्सिडी के सिलेंडर की कीमत करीब 500 रुपए अधिक है। इस व्यवस्था ने आम उपभोक्ताओं को झकझोर कर रख दिया है। हालांकि निम्नवर्गीय परिवार तो लकड़ी के चूल्हे के इस्तेमाल पर आ गए हैं। मध्यमवर्गीय परिवार इस उधेड़बुन में हैं कि आखिर इसका विकल्प क्या हो सकता है जिससे इस बढ़ी कीमत से उनको राहत मिल सके।
नवरात्र तथा धनतेरस पर लोग खरीददारी अधिक करते हैं। नवरात्र की खरीददारी में लोगों का रुझान रसोई गैस के विकल्प के रूप में आए इंडक्शन कुकर और माइक्रोवेव ओवन की ओर अधिक दिख रहा है। इंडक्शन कुकर एक ऐसा उत्पाद हैं जिसमें विद्युत चालित इलेक्ट्रानिक हीटर रहता है इसमें इस्तेमाल करने वाली कढ़ाई, तवा, चाय बनाने का डाेंगा, चम्मच, कलछी होता है। माइक्रोवेव ओवन भी इसी तरह का उपकरण है।

धनतेरस पर इंडक्टर कुकर ही खरीदेंगी
इटावा। गांधीनगर निवासी संगीता कहती हैं कि साल भर में छह सिलेंडर दिए जाने की बात कही गई है जबकि उनके यहां महीने भर में सिलेंडर खत्म हो जाता है। अतिरिक्त सब्सिडी वाले छह सिलेंडर के लिए तीन हजार रुपए का अतिरिक्त व्यय करना होगा। लोगों से इंडक्टर कुकर के बारे में सुना है। धनतेरस पर इसे ही खरीदने का मन बनाया है। ब्यूरो

इलेक्ट्रृानिक उपकरण खरीदेंगी
इटावा। शकुंतलानगर नईमंडी निवासी अनुराधा शाक्य कहती हैं कि सरकार ने सिलेंडर की कीमत बढ़ाकर अपनी मनमानी कर ली है। अब उसके अनुरूप ही हमें अपना बजट बनाना है। लकड़ी का चूल्हा अब जला नहीं सकते। इलेक्ट्रिक उपकरण बाजार में आ रहे हैं जिसके जरिए खाना पकाया जा सकता है। उन्हीं में से एक की खरीददारी धनतेरस पर करने का मन बना रही हूं।

प्रदेश में सपा की सरकार होने से भी मिला बल
इटावा। प्रदेश में सपा की सरकार है और उसके मुखिया यहीं के हैं। इससे यह जिला बिजली की कटौती से मुक्त है। इस कारण भी लोगों क ो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की खरीददारी करने का बल मिल रहा है। अन्य सरकार होती तो लोगों का रुझान अधिकतर इनवर्टर की खरीददारी की ओर रहता लेकिन अब इनवर्टर से लोग मुंह मोड़े हुए हैं। रसोई गैस की बढ़ी कीमतें और निर्बाध बिजली आपूर्ति ने लोगों का रुझान इन उपकरणों की ओर किया है।

बाजार में क्या है उपलब्ध
-इंडक्टर कुकर।
-माइक्रोवेव ओवन।
-इलेक्ट्रानिक चाय केतली।
-इलेक्ट्रानिक राइस कुकर।
-इलेक्ट्रानिक रोटी मेकर

इंडक्टर कुकर की इस समय काफी मांग है। यह एक ऐसा उपकरण है जिसके जरिए महज 30 मिनट में खाना तैयार हो सकता है। इसमें बिजली भी 200 से 2000 वाट तक खर्च होगी। इसकी कीमत तीन हजार से लेकर छह हजार तक की है। करेंट लगने का कोई खतरा नहीं है। इन्ही सब खूबियों के कारण लोग इसके प्रति आकर्षित हो रहे हैं।
-विवेक अग्रवाल वितरक इलैक्ट्रॉनिक उपकरण

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