जहरीली हो रही आबोहवा, बढ़ती जा रही रोगियों की संख्या

Agra Bureauआगरा ब्यूरो Updated Fri, 30 Oct 2020 11:33 PM IST
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एटा। जिले की आबोहवा जहरीली होती जा रही है। वातावरण में बढ़ रहा धुंध का असर लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहा है। शहर में हर तरफ उड़ रही धूल अस्थमा के रोगियों की संख्या में इजाफा कर रही है। वहीं दीपावली पर होने वाली आतिशबाजी से प्रदूषण और बढ़ने की संभावना है। चिकित्सकों का मानना है कि यह अस्थमा के रोगियों के लिए हानिकारक होगा। दीपावली पर पटाखा जलाने से हवा में प्रदूषण की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है। कुछ पल की खुशी और पैसे के दिखावे के आगे लोग हर साल बढ़ते प्रदूषण से आंखें मूंदे रहते हैं। उन्हें शायद यह पता नहीं होता कि वह पटाखे और आतिशबाजी जलाकर पूरे वायुमंडल में प्रदूषण का जहर घोलते हैं।
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तेज आवाज और जहरीली गैस नुकसानदायक
तेज आवाज वाले धमाकेदार पटाखे और उससे निकलने वाली जहरीली गैस बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए नुकसानदायक है। यह किसी की भी जिंदगी खतरे में डाल सकती है। जिले में वर्तमान में लगभग 1200 के करीब अस्थमा के रोगी हैं। इन्हें वायु प्रदूषण से बचने के लिए मास्क लगाकर ही बाहर निकलना चाहिए। वहीं आतिशबाजी जहां जल रही हो वहां नहीं जाएं। इससे समस्या और बढ़ जाएगी।
डॉ. आरएन गुप्ता, एसीएमओ
प्रतिदिन जिला अस्पताल आ रहे 35 सांस के रोगी
अस्पताल में प्रतिदिन 30 से 35 सांस के रोगी आ रहे हैं। रोगी बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है शहर मेें उड़ती हुई धूल व वाहनों से निकलने वाला धुआं। उन्होंने बताया कि दीपावली पर जलने वाली आतिशबाजी से वायु प्रदूषण और बढ़ेगा। इससे अस्थमा के मरीज बढ़ने की संभावना है। इसके लिए जरूरी है कि बीमारी से ग्रसित लोग बाहर न निकलें, वहीं अपने आसपास बच्चों को पटाखा न जलाने दें।
डॉ. चेतन्य चौहान, फिजीशियन, जिला अस्पताल
आने वाली पीढ़ी को दें शुद्घ वायुमंडल
दीपावली अपने साथ बहुत सारी खुशियां लेकर आती है, मगर हानिकारक पटाखों मेें मौजूद छोटे कण सेहत पर बुरा असर डालते हैं। उसका असर फेफड़ों पर पड़ता है। हालात यहां तक भी पहुंच सकते हैं कि व्यक्ति की मौत तक हो सकती है। बेहतर होगा कि सभी मिलकर प्रदूषण रहित दिवाली मनाएं। वहीं बच्चों को अभी से इसके प्रति जागरूक करें, जिससे आने वाली पीढ़ी को बेहतर वायुमंडल मिल सके।
डॉ. शैलेंद्र, निदेशक, मेट्रो हॉस्पिटल
प्रदूषण के बीते वर्ष के आंकड़े
ध्वनि प्रदूषण
दीपावली से पहले दीपावली के बाद
85 से 95 डेसिबल 120 से 150 डेसिबल
मानक 100 डेसिबल तक
वायु प्रदूषण : माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर
दीपावली से पहले दीपावली के बाद
पीएम एसओ एनओ पीएम एसओ एनओ
60 20 39 75 21.7 41.9
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