10 दिन में चरमराईं विभागीय व्यवस्थाएं

Etah Updated Fri, 22 Nov 2013 05:39 AM IST
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एटा। 10 दिन से जारी हड़ताल से लगभग 12 विभागों में अव्यवस्थाएं हावी हो गई हैं। शिक्षा विभाग में हजारों शिक्षक कर्मचारियों की वेतन प्रक्रिया बाधित हो रही है, वहीं राजस्व वसूली अभियान ठप हो गया है। पटल खाली पड़े हैं। काम के लिए आने वाले मायूस होकर लौट रहे हैं। विभागीय डाक का आदान प्रदान भी नहीं हो रहा। अधिकारियों के पास डाक के अंबार लगे हैं।
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थम गया राजस्व वसूली अभियान
उत्तर प्रदेश राजस्व संग्रह अमीन संघ के आंदोलन में उतरने से राजस्व वसूली प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है। जनपद के 48 संग्रह अमीनों की हड़ताल से इन ग्यारह दिनों में सवा करोड़ से अधिक राजस्व की वसूली नहीं हो सकी है। संगठन के मंत्री जेएस दिनकर के अनुसार इन दिनों प्रतिदिन दस लाख रुपये से अधिक राजस्व संग्रह हो रहा था।
तहसील में हड़ताल से किसान परेशान
तहसील कर्मियों की हड़ताल से किसान परेशान हैं। उनके पैमाइश संबंधी विवादों का निस्तारण नहीं हो पा रहा। किसान हरिकृष्ण कहते हैं कि एक माह पूर्व दिया गया चकरोड की नाप का आवेदन लंबित है। विरोधी पक्ष मनमानी पर उतारू है।

नहीं मिल रही योजनाओं की जानकारी
कृषि विभाग में भी काम काज पूरी तरह प्रभावित है। कार्यालयों में सन्नाटा पसरा है। बीज और अन्य योजनाओं का लाभ लेने पहुंच रहे लोगों को कोई जानकारी देने वाला तक नहीं हैं। लुहारी खेड़ा निवासी किसान आनंदपाल सिंह का कहना है कि कार्यालय में कृषि यंत्रों की जानकारी देने वाला उन्हें कोई नहीं मिला। किसान रामानंद ने बताया कि मिट्टी की जांच नहीं हो पा रही।

वेतन न मिलने से बढ़ रही चिंता
जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में भी हड़ताल का असर है। कार्यालय तो खुला था, लेकिन अधिकांश पटल सूने थे। काम तो दूर यहां डाक लेने देने वाले तक नहीं हैं। सर्वाधिक चिंता समय से वेतन न मिलने को लेकर हो रही है। माह की 20 तारीख के बाद विद्यालयों से वेतन बिल प्राप्त कर प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

चौपट हैं सिंचाई विभाग के काम
सिंचाई विभाग के सभी काम पूरी तरह से चौपट हो गए हैं। नहर बंबों की सिल्ट सफाई काम ठप पड़ा है। कार्यालय का काम न होने से किसानों की समस्याओं और शिकायतों की सुनवाई व निस्तारण नहीं हो पा रहा।

रुक गया योजनाओं का क्रियान्वयन
विकास भवन कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से शासन की विभिन्न महती योजनाओं का क्रियान्वयन रुक गया है। लोहिया ग्रामों से लेकर अन्य विकास कार्य भी बाधित हो रहे हैं। परेशान लोग चक्कर काट रहे हैं।

डीएल के सैकड़ों आवेदन लंबित
संभागीय परिवहन विभाग की हड़ताल लोगों पर भारी पड़ रही है। सैकड़ों आवेदकों को लाइसेंस का इंतजार है। आवेदकों की फीस जमा नहीं हो रही, वहीं उनके लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है। 10 दिनों में सैकड़ों लाइसेंस के आवेदन लंबित हैं।

दिन में हड़ताल, सुबह-शाम काम
एटा (ब्यूरो)। कुछ विभाग हड़ताल में सहयोग दे रहे हैं, लेकिन विभागीय काम भी निपटाए जा रहे हैं। कार्यालयों में बैठ रहे अधिकारी जरूरी काम पूरे करा रहे हैं। कर्मचारियों की मानें तो दिन में वे हड़ताल में शामिल हो रहे हैं और सुबह-शाम अधिकारियों के आवास पर पहुंचकर दिशा-निर्देश ले रहे हैं। देर रात तक घरों पर ही जरूरी काम निपटा रहे हैं। उनका कहना है कि शासन से मांगी जा रही सूचनाएं अविलंब दी जा रही हैं।
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