रिपोर्ट दर्ज कराने को भटकते हैं पीड़ित

Etah Updated Mon, 10 Dec 2012 05:30 AM IST
एटा। जनपद में निर्धारित थानों और चौकियों में से अधिकांश जगह मानवाधिकार के बोर्ड नजर नहीं आते हैं, जहां पर यह लगे हैं वहां इनका पालन नहीं हो रहा है। वहीं ट्रैफिक पुलिस के पास भी संसाधनों का अभाव है।
लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए मानवाधिकारों की जानकारी वाले बोर्ड थानों व पुलिस चौकियों पर लगाने के लिए अधिकारियाें को निर्देशित गया है। बावजूद इसके इसका पालन जनपद में होता नजर नहीं आ रहा है। थानों, चौकियों के अलावा पुलिस कार्यालयों पर भी इस तरह के बोर्ड नहीं लगे हैं।
वहीं, कुछ थानों पर मानवाधिकारों की जानकारी के लंबे बोर्ड तो लटका दिए गए हैं। लेकिन उनका पालन होता नहीं है। पीड़ित थानों और चौकियों पर अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए भटकते रहते हैं। इसके साथ ही पीड़ितों के साथ पुलिस का रवैया भी सही नहीं होता है।
दूसरी ओर जहां शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए शासन स्तर से रेड लाइट, नो पार्किंग, नो एंट्री जैसे जागरूकता बोर्ड लगवाने के लिए निर्देश दिए जाते हैं। लेकिन शहर में इस तरह का कोई बोर्ड नजर नहीं आता। यातायात विभाग में प्रदूषण जांच यंत्र के अभाव के चलते शहर में अधिक मात्रा में प्रदूषण फैलाने वाले वाहन दौड़ रहे हैं। जिससे लोगों को घातक बीमारियां हो सकती हैं।

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