24 चिकित्सकों के हवाले 191 स्वास्थ्य केंद्र, उपकेंद्र

Etah Updated Thu, 08 Nov 2012 12:00 PM IST
एटा। 18 लाख से अधिक की आबादी वाले जनपद में समुचित चिकित्सीय सुविधाएं नहीं हैं। अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों पर अव्यवस्थाओं का आलम है। जिला अस्पताल का हाल तो और भी बुरा है। यहां 17 चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। इतना ही नहीं अस्पताल में कोर्डियोलॉजिस्ट ही नहीं है।
पिछड़े जनपद में शासन की नजर नहीं है। अस्पताल के नाम पर यहां केवल भवन हैं। अधिकांश में चिकित्सकों का टोटा है। ऐसे में दर्जनों तो बंद रहते हैं और शेष सफाई कर्मचारी और फार्मासिस्ट के हवाले हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जनपदीय नौ स्वास्थ्य केंद्रों और 182 उपकेंद्रों पर चौथाई चिकित्सक ही हैं। तो वहीं सुविधाओं के नाम पर हरी पीली गोलियां और ड्रेसिंग का सामान है। बताते चलें कि जनपद में संचालित नौ स्वास्थ्य केंद्रों और 182 उपकेंद्रों पर सृजित 94 में से मात्र 23 चिकित्सक ही सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, फार्मासिस्ट के आधे पद खाली हैं। इतना ही नहीं शहर की साढ़े पांच लाख की आबादी के लिए भी वांछित चिकित्सीय व्यवस्थाएं नहीं हैं। नाम का जिला अस्पताल लोगों का भरोसा तोड़ रहा है। यहां की अव्यवस्थाएं चौंकाने वाली हैं। यहां विशेषज्ञ तो दूर चिकित्सकों का भी टोटा है। विभागीय उदासीनता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्षों बाद भी यहां कोर्डियोलॉजिस्ट, ईएनटी, स्किन, कैंसर यहां तक कि पैथालॉजिस्ट तक नहीं हैं। बताते चलें कि चिकित्सकों के सृजित 27 पदों में से 17 रिक्त हैं।

Spotlight

Most Read

Meerut

राहुल काठा की सुरक्षा में पेशी

राहुल काठा की सुरक्षा में पेशी

23 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में एक नवजात की इस बात पर दी बलि

शुक्रवार को एटा के सरकारी अस्पताल से लापता बच्चे का शव मिला। मृतक के पिता ने पड़ोसी पर बच्चे की बलि के लिए हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

13 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper