उम्मीदों पर फिरा पानी, मायूस अधिवक्ता कार्य से विरत रहे

Etah Updated Sat, 20 Oct 2012 12:00 PM IST
एटा। जिला विभाजन को दी गई चुनौती याचिका पर आए निर्णय को अधिवक्ताओं ने निराशाजनक बताया हैं। जनपदीय अधिवक्ता निर्णय के विरोध में शुक्रवार को कार्य से विरत रहे। अगामी रणनीति बनाने के लिए शनिवार को एक बैठक अधिवक्ताओं ने बुलाई है।
जिला विभाजन के विरुद्ध जनपदीय बार एसोसिएशन की न्यायालय में कानूनी लड़ाई का परिणाम जनपद के लोगाें को नहीं भाया है। निर्णय के बाद कासगंज के फिर से एटा में शामिल होने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। अधिवक्ता इसे लेकर मायूस दिखे। साथ ही अधिवक्ताओं ने ऐलान किया कि न्याय की लड़ाई जारी रहेगी और इस संबंध में शनिवार को सुबह 11 बजे बार कार्यालय में एक बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी।
बताते चलें कि तत्कालीन बसपा सरकार ने 17 अप्रैल 2008 को जनपद की तहसील कासगंज को नए जनपद कांशीराम नगर का नाम देकर नोटीफिकेशन जारी किया गया था। जिसके विरुद्ध जिला बार एसेासिएशन ने नोटीफिकेशन को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव ने 2010 में याचिका डालकर तत्कालीन सरकार के निर्णय को चुनौती दी थी।

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