गरीबों को नहीं मिल रहा शासन की योजनाओं का लाभ

Etah Updated Wed, 17 Oct 2012 12:00 PM IST
एटा। तुम्हारी राह में मिट्टी के घर नहीं आते इसीलिए तो तुम्हें हम नजर नहीं आते... वैसे तो किसी शायर की ये पंक्तियां अपने आशियाने की आस में आधी जिंदगी होम कर चुके गरीबों के दर्द को बयां करने के लिए काफी हैं। मगर इसे उन्हीं की जुबां में बयां करें जो इसके जिम्मेदार हैं तो आलम यह है कि शासन द्वारा चलाई जा रहीं गरीबों के उत्थान के लिए तमाम योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा। बीपीएल, अंत्योदय कार्ड भी उनका उद्धार करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। तो वहीं हजारों ऐसे भी हैं जिन्हें ये लाल-पीले कार्ड भी नसीब नहीं हुए। आवास मिलने की आस में ही इन मजलूमों की आधी उम्र गुजर गई। शासन-प्रशासन की बेरुखी इनकी हर उम्मीद को कुचल रही है। इन लोगों का कहना है कि उन्हें तो वर्षों बाद भी गेहूं, चीनी, चावल से ही संतोष करना पड़ रहा है। शासन के दावों के बाद भी उन्हें अभी तक आवास नहीं मिल सका है।
भाई की झोपड़ी में रह रहे अंत्योदय कार्ड धारक गिरौरा निवासी मोहर सिंह प्रजापति का कहना है कि दशकों के इंतजार के बाद भी उसे आवासीय योजना का लाभ नहीं मिल रहा। कई बार इस बाबत शिकायतें की गईं लेकिन सब कागजों में ही दबकर रह गईं।
अंत्योदय लाभार्थी बृजवासी वाल्मीकि का कहना है कि हर साल लोग तो आते हैं। आश्वासन भी देते हैं लेकिन अभी तक उसे आवास नहीं मिल सका है।
जनपद के हजारों गरीबों को तो बीपीएल, अंत्योदय कार्ड की ही दरकार है। मजदूर पति की घरों में काम करने वाली पत्नी रेवा का कहना है कि सैकड़ों रुपये खर्च के बाद भी उसका बीपीएल नहीं बन सका है। मूंगफली विक्रेता खुशीराम कहते हैं कि अति गरीब होने के बावजूद भी उसका कार्ड नहीं बन पा रहा।

क्या मिलता है गरीबी के कार्ड पर
एटा। बीपीएल, अंत्योदय कार्ड धारकों को प्रति माह उचित दर पर 15 किलो गेहूं, 20 किलो चावल, 700 ग्राम प्रति यूनिट चीनी मिलती है। साथ ही तीन लीटर प्रतिकार्ड मिट्टी के तेल का प्रावधान है।

क्या कहते हैं आंकड़े
एटा। पांच वर्ष के लिए बनने वाले राशन कार्ड वर्ष 2005 में बनने थे। लेकिन यह 2007 में जारी हो सके। इसके अनुसार जनपद में अंत्योदय लाभार्थी 27164 एवं बीपीएल कार्डधारकों की संख्या 44119 है। वर्तमान में नए सर्वे की तैयारी है। इन दिनों चल रहे सामाजिक आर्थिक जनगणना के बाद नई सूची जारी की जाएगी। शीतलपुर विकास खंड की जनगणना पूरी हो चुकी है। नगर क्षेत्र की जारी है।

20 राशन डीलर्स के यहां गरीब-अति गरीब नहीं
एटा। जिला पूर्ति अधिकारी अनूप कुमार के अनुसार जनपद के बीस राशन डीलर्स के यहां कोई भी बीपीएल (गरीब), अंत्योदय कार्ड (अति गरीब) धारक नहीं है। वहीं गरीबों से रहित जनपद में कोई भी गांव नहीं है। बताते चलें कि जनपद में 768 उचित दर विक्रेता हैं।

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