पीसीएफ महाप्रबंधक पर एक करोड़ कमीशन दबाने का आरोप

Etah Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
एटा। अनियमित वेतन भुगतान, विभागीय दमनकारी नीतियों एवं कमीशन दबाए बैठे अधिकारियों के विरोध में उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ का आंदोलन और तेज होता जा रहा है। वहीं सहकारी समिति सचिव परिषद ने भी आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। जनपदीय समितियों में शत प्रतिशत तालाबंदी कर रहे इन कर्मचारियों ने तीसरे दिन भी आंदोलन जारी रखा। अरुणा नगर स्थित जिला सहायक निबंधक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया।
शासन की उपेक्षा झेल रहे सहकारी कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों पर भी शोषण का आरोप लगाया है। उपस्थित आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए संगठन नेताओं ने कहा कि पसीना बहाकर विभागीय लक्ष्यों की पूर्ति करने वाले इन कर्मचारियों का कमीशन भी विभागीय अधिकारी दबाए बैठे हैं। स्थानीय पीसीएफ जिला प्रबंधक पर भी एक करोड़ से अधिक की कमीशन राशि का भुगतान न करने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष करन सिंह यादव ने बताया कि जनपदीय सहकारी कर्मचारियों को तीन वर्ष से खाद-बीज एवं ऋण वितरण का कमीशन नहीं मिला है। जो शोषण और मनमानी का प्रमाण है। कर्मचारी संघ एवं सचिव संघ ने जिलाधिकारी को प्रेषित ज्ञापन में उक्त कमीशन का भुगतान कराने की गुहार की ताकि आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मचारियों को राहत मिल सके। आंदोलनकारियों में नेम सिंह वर्मा, राम विलास तिवारी, नरेंद्र सिंह यादव, यशवीर सिंह चौहान, केएस यादव आदि प्रमुख थे। इस अवसर पर आंदोलन स्थल पर पहुंचे सहकारी समिति सचिव परिषद के जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह चौहान, जिलामंत्री राम विलास तिवारी ने संगठन को समर्थन देने का ऐलान किया। और आंदोलन में प्रतिभाग किया।
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आंदोलन किसानों पर भारी, 910 की डीएपी 1300 में
बूंदों के लिए तरसे किसान अब खाद को परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
एटा। मानसून की बेरुखी से बेबस दिख रहे किसानों की समस्याएं इस आंदोलन के बाद और बढ़ गई हैं। पानी के लिए तरस रही फसलें खाद न मिलने से भी दम तोड़ रही हैं। आंदोलन के चलते जनपदीय सहकारी समितियों में हो रही तालाबंदी से किसानों को ऋण एवं उचित मूल्य पर खाद नहीं मिल पा रही। ऐसे में परेशान किसान बाजारों में चक्कर काट रहे हैं। और ब्लैक में खाद खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि चार दिनों से चल रही तालाबंदी के चलते निजी विक्रेताओं की मनमानी शुरू हो गई है। वे बताते हैं कि शनिवार को 910 रुपये बाली डीएपी बाजार में 1300 रुपये एवं 300 रुपये बाली यूरिया 370 रुपये तक की बिक गई। बताते चलें कि इस आंदोलन के चलते जनपद में संचालित 65 सहकारी समितियों पर पूर्ण तालाबंदी है।
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