शैक्षिक कलेंडर ही नहीं मिला तो अनुपालन किसका

Etah Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
एटा। शिक्षा सत्र का डेढ़ माह गुजरने के बाद भी अधिकांश विद्यालयों में शैक्षिक कलेंडर का अनुपालन सुनिश्चित नहंी हो पा रहा। मासिक टेस्ट तो दूर अभी अधिकांश संस्थाओं में पठन पाठन भी ढर्रे पर नहीं आ पा रहा।
शैक्षिक सत्र को लेकर होने वाली विशेष तैयारियां धरी रह गई हैं। विभागीय दावों के बाद भी अधिकांश विद्यालयाें में पढ़ाई का माहौल नहीं बन पा रहा। और तो और अधिकांश संस्थाएं विभागीय आदेशों का भी पालन नहीं कर रहीं। दर्जनों संस्थाओं में अभी तक शिक्षक अभिभावक संघ का गठन नहीं हो सका है। वहीं दर्जनों में मध्यान्ह भेाजन को लेकर कागजों पर ही समितियां बना ली गई हैं। ऐसे में शासन के मंशा को पलीता लग रहा है। नए शिक्षा सत्र का शैक्षिक कलेंडर न मिलने से शैक्षिक गतिविधियों एवं कोर्स का विभाजन अधर में है। प्रधानाचार्यों का कहना है कि उन्हें नए सत्र का शैक्षिक कलेंडर प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में शैक्षिक गतिविधियों का समय एवं सीमा नहीं बन पा रही। उनका कहना है कि पूर्व में दशमोत्तर कक्षाओं के मासिक टेस्ट का समय निर्धारित था ऐसे में इन्हें सुनिश्चित कराया गया। इस बार नया कार्यक्रम न मिलने से यह प्रक्रिया बाधित है।
विभिन्न कक्षाओं की पुस्तकें न आने से भी पठन पाठन की प्रक्रियाएं बाधित हैं। अंग्रेजी शिक्षक यश कुमार सक्सेना का कहना है कि सत्र का डेढ़ माह गुजरने के बाद भी न तो जूनियर कक्षाओं के छात्रों को अंग्रेजी की पुस्तकें मिली हैं। और न ही कक्षा ग्यारह के छात्र-छात्राओं को परिवर्तित कोर्स मिला है। वे बताते हैं कि अधिकांश बच्चों पर पुस्तकें ही नहीं है तो विषयों की पढ़ाई कैसे संभव है।

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