एसआईटी ने बालिका गृह से कब्जे में लिए कई अभिलेख

Gorakhpur Bureauगोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 26 Nov 2018 10:12 PM IST
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देवरिया। बालगृह बालिका कांड की जांच कर रही एसआईटी दूसरे दिन भी स्टेशन रोड स्थित बालिका गृह पहुंची। सील तोड़कर अंदर घुसी टीम ने अल्पावास व स्वाधार गृह से जुड़ी पत्रावलियों को कब्जे में लिया। दो घंटे तक एसआईटी ने रिकार्डों को खंगाला। साथ में समाज कल्याण अधिकारी और सदर एएसडीएम भी मौजूद रहे।
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बालिका गृह कांड की जांच में जुटी एसआईटी मजबूत साक्ष्यों की तलाश कर रही है। अब तक की जांच में उन्हें यौन उत्पीड़न और पाक्सो एक्ट से जुड़े कोई भी तथ्य हाथ नहीं लगे हैं। सोमवार को दोपहर 1.30 बजे बालिकागृह में मुख्य द्वार का सील तोड़कर टीम अंदर दाखिल हुई। इसी भवन में संचालित हो रहे अल्पावास और स्वाधार गृह में रखे संवासिनियों से जुड़े अभिलेखों को करीब दो घंटे तक खंगाला और जरूरी अभिलेखों को कब्जे में ले लिया। पुलिस की ओर से बरामद की गई संवासिनियों और कब्जे में लिए गए रिकॉर्ड में अंतर मिला है। एसआईटी का दावा है कि नौ ऐसी लड़कियों को चिह्नित किया गया है, जिनकी शादी रजला में गिरिजा ने संस्था की मदद से कराया था। दोबारा उन लड़कियों के नाम पर कागजों में हेराफेरी कर सामूहिक विवाह योजना का भी लाभ दिलाया गया है। इसके अलावा एसआईटी लापता किशोरियों का सुराग अभिलेखों के माध्यम से लगाने में जुटी है। तीन दिनों से एसआईटी कोर्ट के निर्देश पर गिरिजा त्रिपाठी की संस्थाओं से जुड़े जरूरी अभिलेखों की तलाश में जुटी है। इस दौरान समाज कल्याण अधिकारी दीनानाथ शुक्ल, विवेचक बृजेश सिंह, प्रशांत सिंह और एएसडीएम संजीव कुमार मौजूद रहे।
धोखाधड़ी की तरफ घूमी एसआईटी की जांच
प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी की ओर से कोर्ट में दाखिल किए गए चार्जशीट में यौन उत्पीड़न और पाक्सो एक्ट का जिक्र नहीं किया गया है। अब पूरे मामले की जांच धोखाधड़ी की ओर घूम गई है। एसआईटी भी इसी से जुड़े साक्ष्य की तलाश में जुटी है। बताते हैं कि तत्कालीन एसपी रोहन पी कनय के अति उत्साह में मामला हाईप्रोफाइल हो गया, जबकि तथ्य बिल्कुल अलग थे।

समाज कल्याण विभाग की बढ़ेगी मुश्किलें
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में जिम्मेदारों की मिलीभगत से हुई धांधली में समाज कल्याण विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो रहा है। एसआईटी की जांच में विवाह योजना में नौ मामले ऐसे मिले हैं, जिनकी बेमेल शादी हुई है और शादी के नाम पर रुपये वसूला गया है।
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