विज्ञापन
विज्ञापन

छह मौतों से सहम गए लोग, हर तरफ रही चीख-पुकार

Gorakhpur Bureauगोरखपुर ब्यूरो Updated Fri, 17 May 2019 11:30 PM IST
बैरौना गांव के पास गुरुवार की रात खड़ी ट्रक में कार घुसने से छह सवारों की मौके पर ही मौत हो गई।
बैरौना गांव के पास गुरुवार की रात खड़ी ट्रक में कार घुसने से छह सवारों की मौके पर ही मौत हो गई। - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
देवरिया। बरहज मार्ग पर बैरौना के पास हुए हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। सुबह लोगों की नींद खुली तो पहली खबर छह मौत की पाकर लोग सन्न रह गए। तत्काल लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल था। हादसे ने किसी का सुहाग मिटा दिया तो किसी के सिर से पिता का साया छीन लिया। पोस्टमार्टम हाउस पर जुटे लोगों की जुबां पर मृतकों के साथ बिताए गए अंतिम पलों की चर्चा थी। मरने वालों से किसी की कुछ घंटे पहले भेंट हुई थी तो किसी से शीघ्र लौटने की बात कह वह बहोर गांव के लिए निकले थे। एक झटके में उनके मौत के आगोश में चले जाने पर किसी को यकीन ही नहीं हो रहा था। मोर्चरी में रखे शव को देखकर उनकी आंखें छलक आ रही थी तो फड़फड़ाते होंठ अंदर की पीड़ा कहने के लिए काफी थे। परिवार के लोगों पर पड़ी विपत्ति में शुभ चिंतक खड़े हुए हैं। गांव और पड़ोस के लोग परिवारवालों को समझाने में लगे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
रोजगार से अच्छी कमाई करते थे ओमप्रकाश
दानोपुर गांव निवासी रामायन यादव की तीन संतानों में ओमप्रकाश यादव छोटे थे। मझले भाई सुभाष की बीमारी से मौत हो चुकी है। ओमप्रकाश जेल के पास धर्मकांटा के अलावा वह कई अन्य कारोबार भी करते थे। धर्मकांटा कर्मचारी रामबली के घर से लौटते समय वह हादसे का शिकार हो गए। पत्नी नरमा देवी, बेटी काजल और बेटे आकाश, आदित्य को जानकारी मिली तो रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ओमप्रकाश काफी मिलनसार थे। उनके शुभचिंतकों की भीड़ पोस्टमार्टम हाउस पर लगी रही।

बीटीसी की पढ़ाई कर रहा था राकेश
दानोपुर गांव निवासी राकेश यादव 22 कुशीनगर जिले के हाटा में बीटीसी का छात्र था। मृतक ओमप्रकाश के सबसे बड़े भाई विद्यासागर की दो संतानों में राकेश छोटा था। बड़े भाई दीपक यादव दिल्ली में किसी निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। कार राकेश ही चला रहे थे। उन्हें क्या पता था कि यह उनकी आखिरी यात्रा होगी। अनियंत्रित होकर वह खड़े ट्रक में कार घुस गई। बेटे की मौत की जानकारी मिलने पर मां इसरावती देवी और बहन वंदना का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। एक ही परिवार में दौ मौत से गांव के लोग दुखी हैं।

निजी कंपनी में कार्य करते थे संतोष
गोरखपुर के शाहपुर के नंदानगर निवासी एयरफोर्स से रिटायर नागेंद्र प्रताप सिंह के दो बेटों में संतोष बड़े थे। वह देवरिया में किसी निजी कंपनी में काम करते थे। छोटे सतीश सिंह एयरफोर्स में हैं। गुरुवार की रात हुए हादसे में कार में आगे बैठे संतोष की भी मौत हो गई। रात में ही सूचना जब परिवारवालों को मिली तो वे परेशान हो गए। परिवारवाले और रिश्तेदार शुक्रवार को पोस्टमार्टम पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद परिवार के लोग शव लेकर गोरखपुर गए। वहां राप्ती नदी के राजघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।

बीएड का छात्र था शशांक
बस्ती जिले के प्रभुनाथनगर, वाल्टरगंज के मूल निवासी भोलानाथ मणि जिला जेल में हेड वार्डन हैं। जिला जेल की कॉलोनी में वह परिवार सहित रहते हैं। बड़ा बेटा दिशांक परिषदीय शिक्षक हैं। दूसरे नंबर का शशांक मणि बीएड की पढ़ाई करता था। सबसे छोटा प्रशांत बस्ती में पॉलीटेक्निक की पढ़ाई करता है। दोस्तों संग शशांक मणि भी चले गए थे। बैरौना में हुए हादसे में उनकी भी मौत हो गई। सूचना पर परिवारवालों के साथ ही जेल के कुछ बंदीरक्षक भी पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवारवालों को सौंप दिया गया।

बेटी की शादी के सिलसिले में घर आए थे अनिल
सदर कोतवाली के कठिनइयां गांव निवासी अनिल श्रीवास्तव 52 की सात बेटियां और एक बेटा है। चार बेटियों की शादी कर चुके थे। दिल्ली में रह निजी कंपनी में नौकरी करने वाले अनिल 13 मई को पांचवीं बेटी की शादी के सिलसिले में गांव आए थे। बिहार के गोपालगंज में वह लड़का देखने गए थे। गुरुवार की रात को वह भी ओमप्रकाश यादव के साथ गए थे। उनके मौत की सूचना परिवारवालों को मिली तो रो-रोकर बुरा हाल हो गया। छोटे भाई अरुण लाल श्रीवास्तव पोस्टमार्टम पर मौजूद रहे।

धर्मकांटे पर काम करता था अच्छेलाल
बिहार के सिवान जिले के आंदर थानाक्षेत्र के गड़ार गांव निवासी अच्छेलाल 52 ओमप्रकाश यादव के धर्मकांटा पर 25 साल से कर्मचारी था। मालिक के साथ वह कार में सवार होकर साथी कर्मचारी के घर गया। हादसे में मौत की खबर सुनकर परिवारवाले देवरिया आए। मृतक अच्छेलाल के दो बेटे और एक बेटी हैं। परिवारवालों ने बताया कि उन्हें क्या पता था कि जहां इतने लंबे समय से काम कर रहे हैं, वहां से शव लेकर जाना पड़ेगा। देर शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर परिवारवाले गांव चले गए।

Recommended

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए
Lovely Professional University

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए

बात करें इंडिया के बेस्ट एस्ट्रोलॉजर्स से और पाइये अपनी समस्या का समाधान |
Astrology

बात करें इंडिया के बेस्ट एस्ट्रोलॉजर्स से और पाइये अपनी समस्या का समाधान |

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
सबसे विश्वशनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Deoria

दूल्हे के दोस्त के बाल काटे, चटकीं लाठियां, 17 घायल

भटनी थाना क्षेत्र के चौरियां गांव का मामला, दोनों पक्षों ने दी तहरीर।

17 जून 2019

विज्ञापन
Deoria

जेई

17 जून 2019

17 जून को देश में ठप रहेंगी स्वास्थ्य सेवाएं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने हड़ताल का किया आह्वान

पूरे देश के डॉक्टरों के शीर्ष संगठन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कल यानी सोमवार सुबह छह बजे से चौबीस घंटे की हड़ताल का आह्वान करते हुए केंद्र सरकार से डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय कानून लाने की मांग की है।

16 जून 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
सबसे तेज अनुभव के लिए
अमर उजाला लाइट ऐप चुनें
Add to Home Screen
Election