घपले की जांच से जगी किसानों में उम्मीद

Deoria Updated Thu, 08 Nov 2012 12:00 PM IST
सलेमपुर। पूर्व की बसपा सरकार में निगम की चीनी मिलों को बेचने में हुए घपले की जांच लोकायुक्त से कराने के प्रदेश सरकार के फैसले से किसानों को मिलों के चलने की उम्मीद दिख रही है। मायावती सरकार में करीब 110 करोड़ की मिल्कियत वाली भटनी चीनी मिल भी कौड़ियों के मोल बेच दी गई थी। लेकिन मिल की जमीन पर बसे नूरीगंज के बाशिंदों के खारिज दाखिल की लड़ाई अब भी जारी है।
उप्र राज्य चीनी एवं गन्ना विकास निगम लिमिटेड भटनी की चीनी मिल को 28 मार्च 11 को पूर्ववर्ती बसपा सरकार ने महज पौने पांच करोड़ रुपये में हनीवेल शुगर्स प्रा. लिमिटेड नई दिल्ली को बेंच दिया। चीनी मिल की जमीन की कीमत तहसील प्रशासन ने करीब पचास करोड़ रुपये और उसके उपकरणों की कीमत 60 करोड़ रुपये आंकी थी। चीनी मिल के बेचने के साथ ही उंगलियां उठनी शुरू हो गईं। चीनी मिल की कुल जमीन 13.837 हेक्टेयर के 2.77 हेक्टेयर हिस्से पर नूरीगंज बाजार बसा है। चीनी मिल मालिक के नूरीगंज बाजार में बसे लोगाें को उजाड़ने की धमकी के बाद माहौल गरम हो गया। चीनी मिल की बिक्री के बाद नूरीगंज के सभासद पवन मद्धेशिया और पूर्व चेयरमैन रमेश चंद्र वर्मा ने तहसीलदार सलेमपुर के यहां आपत्ति दर्ज की। खारिज दाखिल का मामला कई माह तक तहसीलदार कोर्ट में चला। 13 अक्टूबर 11 को तहसीलदार सर्वेंद्र कृष्ण तिवारी ने हनीवेल के पक्ष में फैसला सुनाते हुए खारिज दाखिल कर दिया। तहसीलदार के आदेश को चुनौती देते हुए दोनों लोगों ने राजस्व परिषद लखनऊ न्यायालय में वाद दायर किया।
नूरी मियां ने स्थापित की थी चीनी मिल
नूरीगंज बाजार के बुजुर्ग मुजीब रैनी और कन्हैया लाल मद्धेशिया ने बताया कि आजादी के पूर्व नूरी मियां ने भटनी नगर के नूरीगंज में शुगर फैक्ट्री की स्थापना वर्ष 1919 में की। लेकिन वर्ष 1921 में चालू हुई। इनकी मृत्यु के बाद इनकी पुत्री अपने के साथ पाकिस्तान चली गईं। लावारिस संपत्ति मानकर सारी जमीन व फैक्ट्री कस्टोडियन ने ले ली। इस जमीन को कस्टोडियन ने 16 अगस्त 56 को मोतीलाल पदमपद को नीलाम कर दी। बाद में मोतीलाल पदमपद शुगर फैक्ट्री रिसीवर को दे दिया गया। बाद में उप्र राज्य चीनी मिल निगम ने फैक्ट्री को अधिग्रहित कर लिया।
चीनी मिल चलाने के लिए चला आंदोलन
भटनी चीनी मिल को वर्ष 2006-07 में चलाकर बंद कर दिया गया। वर्ष 2007-08 में चीनी मिल की मरम्मत की गई लेकिन मिल चालू नहीं हो सकी। 21 अगस्त 2008 को चीनी मिल के कर्मचारियों को वीआरएस देने की घोषणा तत्कालीन बसपा सरकार ने की। चीनी मिल को चलाने के लिए वर्ष 2007-08 में जबरदस्त आंदोलन चलाया गया। सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहन सिंह समेत तमाम जिले भर के नेताओं ने आंदोलन में भाग लिया था। 2012 में चुनाव के समय सीएम ने भटनी की जनसभा में चीनी मिल की बिक्री में हुई धांधली की जांच का आश्वासन दिया था।
दस हजार किसान परिवारों की जुड़ी थीं खुशियां
भटनी चीनी मिल से जिले के दस हजार किसान परिवार जुड़े थे। गन्ने की खेती से किसानों की खुशियां जुड़ी थीं। शादी ब्याह से लेकर बच्चों की पढ़ाई की चिंता नहीं होती थी। आर्थिक रूप से परिवार को सहारा मिलता था। लेकिन बीमार चीनी मिल को बेहतर करने की बजाय बेंच दिये जाने से किसानों की कमर टूट गई। किसानों के अलावा इस चीनी मिल से 378 कर्मचारियों के परिवार की जीविका चलती थी। इसमें 210 मौसमी और 168 स्थायी कर्मचारी थे। चीनी मिल बंद होने के बाद इनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया।
चीनी मिल को चलाने का प्रयास करे सरकार-किसान
भटनी क्षेत्र के बनकटा तिवारी के किसान शिव नारायण यादव कहते हैं कि प्रदेश सरकार ने लोकायुक्त से जांच कराने का अच्छा फैसला लिया है। इससे अनियमितता सामने आ जाएगी। सरकार को चीनी मिल को फिर से चलाने का प्रयास करना चाहिए। जिगिना मिश्र के किसान देवेंद्र मिश्र कहते हैं कि गन्ने से कभी यहां के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत थी। घाटे का सौदा होने से किसान खेती से मुंह मोड़ते जा रहे हैं।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

16 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: अलाव तापते वक्त हुआ विस्फोट, पुलिसकर्मी के खोए हाथ

देवरिया के जनपद रामपुर में अलाव तापते वक्त एक पुलिसकर्मी के साथ दर्दनाख हादसा हो गया। इस हादसे में पुलिसकर्मी के दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए।

14 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper