खाद के अधिक दाम वसूलता था सचिव

Deoria Updated Sun, 04 Nov 2012 12:00 PM IST
सलेमपुर। जिगिना दीक्षित साधन सहकारी समिति के सचिव ने किसानों से डीएपी का अधिक दाम वसूल किया। डीएम के आदेश पर शनिवार को हुई जांच में इस बात की पुष्टि भी हो गई। जांच अधिकारी ने बताया कि सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भटनी क्षेत्र की जिगिना दीक्षित साधन सहकारी समिति पर पुराने दर पर 400 बोरी डीएपी और 60 बोरी एपीके किसानों में बांटने के लिए आई थी। सचिव ने डीएपी की निर्धारित दर 911 रुपये की जगह 950 रुपये वसूला। किसानों का आरोप था कि खाद की कालाबाजारी भी की गई। इसकी शिकायत आशीष सिंह विषेन ने डीएम एवं अन्य अधिकारियों से की। डीएम के आदेश पर अपर जिला सहकारी अधिकारी अजीत सिंह और एडीओ सहकारिता जगदीश शुक्ल ने किसानों का बयान लिया। जिसमें मिश्रौली के परमहंस यादव, विमलेश मिश्र, सत्यनारायण दीक्षित, द्वारिका दीक्षित, पिपरा विठ्ठल के रामदेव सिंह, शिव औतार सिंह, रोहित कुमार सिंह, अनिल यादव, सुनील यादव, धनंजय सिंह, मन्नू यादव आदि किसानों ने अपने बयान में कहा है कि सचिव ने उनसे 950 रुपये वसूला है। कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि सचिव ने पक्षपात करते हुए उन्हें खाद दी ही नहीं। इसके कारण रबी की बुवाई नहीं कर पाएंगे। इस बाबत जांच अधिकारी/अपर जिला सहकारी अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि किसानों से अधिक रुपये लेने की पुष्टि हुई है। सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Spotlight

Most Read

National

मौजूदा हवा सेहत के लिए सही है या नहीं, जान सकेंगे आप

दिल्ली के फिलहाल 50 ट्रैफिक सिग्नल पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) डिस्पले वाले एलईडी पैनल पर यह जानकारी प्रदर्शित किए जाने की कवायद हो रही है।

19 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: अलाव तापते वक्त हुआ विस्फोट, पुलिसकर्मी के खोए हाथ

देवरिया के जनपद रामपुर में अलाव तापते वक्त एक पुलिसकर्मी के साथ दर्दनाख हादसा हो गया। इस हादसे में पुलिसकर्मी के दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए।

14 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper