साथ बिताए दिनों को यादकर रो पड़े दुर्गा मिश्र

Deoria Updated Wed, 31 Oct 2012 12:00 PM IST
बरहज। मंगलवार को पूर्वमंत्री दुर्गा प्रसाद मिश्र का तिहत्तरवां जन्मदिन था। अल सुबह मंत्री कामेश्वर उपाध्याय के निधन का उनको जैसे ही सूचना मिली रो पड़े। बचपन में साथ गुजारे दिनों को याद करते रहे। इसी बीच उनका भेजा एक पत्र भी लेकर पड़ने लगे। मिश्र बताते हैं कि 1985 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से इनको टिकट नहीं मिला।
मै भाजपा से चुनाव लड़ने का ऑफर लेकर इनके गांव गया। उसी दिन भाटपाररानी में उनकी एक सभा होने वाली थी। मेरे प्रस्ताव को ठुकरा दिया और कहा कि आप मेरे साथ भाटपाररानी चलें और मेरी जनसभा को संबोधित करें। मै साथ गया और सभा को संबोधित भी किया। वे चुनाव भी जीते। वे आम आदमी की लड़ाई लड़ने में विश्वास रखते थे। पूर्वमंत्री पं. दुर्गा प्रसाद मिश्र ने कबीना मंत्री कामेश्वर उपाध्याय के निधन पर कहा कि वे अपनी जमीन स्वयं अपने पुरुषार्थ से तैयार किए। कभी किसी के पीछे नहीं चले। संघर्ष ही इनका धरोहर था। भूत भविष्य नहीं बराबर वर्तमान में जीये। इनकी मृत्यु भी वर्तमान में हुई। मै अपने श्रेष्ठ अग्रज की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।

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