आंगनबाड़ी केन्द्रों को सुधeरने की नई पहल

Deoria Updated Sat, 29 Sep 2012 12:00 PM IST
देवरिया। शासन ने बाल विकास परियोजना विभाग में अफसरों की जवाबदेही तय कर दी है। अब विभाग के अफसर आफिस में बैठ कुर्सी तोड़ते नहीं दिखेंगे। उन्हें बाहर निकल कर आंगनबाड़ी केन्द्रों की जांच करनी पड़ेगी। जांच के लिए बाकायदा गाइड लाईन तय कर दी गई है। डीपीओ हर रोज पांच केन्द्रों की जांच करेंगे। वहीं सीडीपीओ को हर दिन तीन केन्द्रों के जांच की जिम्मेदारी मिली है। सुपरवाइजर भी प्रत्येक दिन एक केन्द्र की जांच करेंगी। हर सप्ताह रिपोर्ट शासन को जाएगा।
आंगनबाड़ी केन्द्रों को सुचारु रुप से चलाने के लिए शासन ने नई व्यवस्था की है। धात्री महिलाओं को पुष्टाहार देने और छोटे बच्चाें को ककहरा सिखाने के लिए आंगनबाड़ी केन्द्र खोल विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है। जिस हर महीने भारी-भरकम धनराशि खर्च होती है। मगर आंगनबाड़ी केन्द्रों की व्यवस्था ठीक नहीं है। आए दिन शिकायत मिलती रहती है कि केन्द्र ठीक ढंग से संचालित नहीं हो रहा है। कहीं केन्द्र पर ताले लगे रहते हैं तो कहीं बच्चों की संख्या हीं नहीं होती है। कागज में ही केन्द्र चला धन निकाल लिया जाता है। बार-बार शिकायत के बाद भी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अपेक्षित सुधार होते न देख शासन ने नई व्यवस्था शुरू कर दी है। इस बार विभाग के अफसरों की जवाबदेही तय की गई है। हर रोज डीपीओ को पांच और सीडीपीओ को तीन केन्द्र जांच करने की जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा सुपरवाइजर हर दिन एक केन्द्र चेक करना होगा। अगर केन्द्र पर गड़बड़ी या बंद मिला तो सीधे आंगनबाड़ी और सहायिका की सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
आंगनबाड़ी वर्करों पर कार्रवाई तय
विभागीय आदेश से अफसरों को अवगत करा दिया गया है। चेकिंग भी शुरू कर दी गई है। केन्द्र बंद या गड़बड़ी मिलने पर आंगनबाड़ी वर्करों पर कार्रवाई तय है।
पीके सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवरिया।
आंगनबाड़ी वर्कर की सेवा समाप्त
शासन के कड़ा रुख अख्तियार करने विभागीय अफसरों का चैन गायब हो गया है। केन्द्र की जांच पड़ताल और कार्रवाई शुरू कर दी गई है। केन्द्र से गायब रहने के लिए एक आंगनबाड़ी वर्कर की सेवा समाप्त कर दी गई है। मामला देसही देवरिया ब्लाक के ग्राम पंचायत हरैया बसंतपुर का है। अभी कुछ दिन पहले केन्द्र की जांच हुई थी। इसमें आंगनबाड़ी वर्कर उमरावती देवी अनुपस्थित मिली थी। सुपरवाइजर से पूछताछ में भी पता चला कि वह अवकाश पर चल रहीं हैं। सप्ताह भर बाद फिर चेकिंग हुआ, केन्द्र बंद मिला और वह गायब थी। इससे विभागीय सेवा टीकाकरण, पोषाहार, कुपोषण समेत विभिन्न योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी ने आंगनबाड़ी वर्कर की सेवा समाप्त कर दी है।
दो सुपरवाइजरों को नोटिस जारी
केन्द्रों का संचालन ठीक न मिलना सदर ब्लाक के दो सुपरवाइजरों को महंगा पड़ गया है। सुपरवाइजर गीता सिंह और नीलम श्रीवास्तव को नोटिस भेज जवाब मांगा गया है कि केन्द्रों का संचालन ठीक से क्यों नहीं हो रहा है।
केन्द्रों की जांच शुरू, खुलने लगी पोल
देवरिया। शुक्रवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी पीके सिंह ने पांच केन्द्रों की चेकिंग किया। इसमें गड़बड़ी मिली है। वह सबसे पहले परमार्थी पोखरा व गरुलपार आंगनबाड़ी केन्द्रों की चेकिं ग किए। रजिस्टर में 21 बच्चे पंजीकृत थे जबकि नौ बच्चे मौके पर मिले। बांस देवरिया में दो केन्द्रों की जांच में भी यहीं हाल था। 15 में 10 बच्चे मौके पर मिले। गरुलपार केन्द्र नंबर दो पर 26 में 12 बच्चे मिले। इसी मुहल्ले के केन्द्र पांच पर आंगनबाड़ी वर्कर पुष्पलता अनुपस्थित मिली। 25 में छह बच्चे उपस्थित थे। नई बाजार में केन्द्र बंद था। आंगनबाड़ी वर्कर शक्ति मिश्रा का भी कहीं अता-पता नहीं था। डीपीओ पीके सिंह ने कहा कि दोषियों को नोटिस देकर जवाब तलब किया है, आगे कार्रवाई होगी।

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