आठ दिन बाद भी वाशिंदों को नहीं मिली जलजमाव से निजात

Deoria Updated Tue, 25 Sep 2012 12:00 PM IST
देवरिया। एक-एक करके आठ दिन का समय बीत गया। उमानगर के वाशिंदों को नरक की जिंदगी से निजात नही मिल पाई है। पानी से भरी सड़कें घरों के चारों ओर जलजमाव और विषैले जीवों के चलते अब जीना मुश्किल हो गया है। कोई उपाय नहीं किया गया तो एक महीने तक जलजमाव की यही स्थिति बनी रहेगी।
गांव से शहर में आये उमानगर के लोग आठ दिन से नारकीय जीवन जी रहे हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं तो वहीं बीमार लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब लोग पानी में रहना अपनी दिनचर्या मान लिए हैं। मुहल्लेवासियों का कहना है कि अब पानी से निजात मिलना संभव नहीं है। सबसे खराब स्थिति चटनी गढई के पास बसे 250 परिवारों का है। इन्हें तो सब्जी, मसाला से लेकर ईधन तक की व्यवस्था करने में दिक्कतें होने लगी है। जलजमाव के बाद अब पानी की दुर्गंध से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पानी न निकलने का मुख्य कारण यहां लोग पुलिया की कमी बता रहे हैं। लाखों रुपये की लागत से देवरिया-खोराराम मुख्य मार्ग पर चटनी गढई के समीप लगे पुलिया बंद हो जाने के चलते जलनिकासी ठप है। यही हाल सरस्वती विद्यामंदिर से खोराराम रोड और विद्या मंदिर से डा.के सिंह के इंस्टीच्यूट तक जाने वाले मुख्य मार्ग पर पुलिया न होने से काफी परेशानियां बढ़ गईं हैं। एक दर्जन घरों में अब भी पानी लगा हुआ है। इसके लिए ओमप्रकाश मणि ने कई बार जिला प्रशासन को पत्र लिखा। एडीएम प्रशासन ने ईओ नपा देवरिया से त्वरित व्यवस्था करने को भी कहा लेकिन एडीएम का आदेश नपा प्रशासन के लिए रद्दी कागज जैसा रह गया है।

घटने के बजाय बढ़ रहा पानी
पकड़ी वीरभद्र में अंग्रेजी के वरिष्ठ प्रवक्ता रहे पारस मणि त्रिपाठी कहते हैं कि नगर पालिका प्रशासन का थोड़ा भी ध्यान उमानगर चटनी गढई के तरफ नहीं है। अब तो लोग अपने घरों का पानी पंपिंगसेट से इसी बस्ती के तरफ निकाल रहे हैं। पानी घटने के बजाय अब और ज्यादा बढ़ने लगा है। रिटायर के बाद सोचा था शहर में रहकर बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देंगे लेकिन अब तो गांव ही अच्छा लग रहा है।

पानी में गिर रहे बच्चे, स्कूल जाना हुआ मुश्किल
इस मुहल्ले के रहने वाले सिंटू क हते हैं कि शहर में मकान बनवाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई है। घर में सात बच्चे हैं जो हर रोज बस से स्कूल जाते हैं। इन बच्चों को सड़क तक ले जाना मुश्किल हो गया है। कई दिन बच्चे पानी में गिर गए और उनका स्कूल बंद हो गया। अब तो पानी से निजात मिलना संभव नहीं दिख रहा है।

शर्म से नहीं बताते कि शहर में हैं
द्वारिकाधीश मिश्र कहते हैं कि हम लोग किसी रिश्तेदार को पता बताना तक मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। कोई पूछता भी है तो शर्म से यह कहते हैं कि हम देवरिया नहीं है। उन्होंने बताया कि आठ दिन से पाठी घटना चाहिए तो पानी बढ़ रहा है। परिवार के लोग सड़ांध पानी के चलते अस्वस्थ हो गए हैं। दवा कराने के लिए भी इन्हें अस्पताल ले जाना मुश्किल हो गया है।

जलनिकासी की नहीं है व्यवस्था
इस वार्ड के श्रीकृष्ण मणि ने बताया कि उनके घर की चाहरदीवारी ध्वस्त हो गई है। उनके मकान में आज भी तीन फीट पानी लगा हुआ है। नपाध्यक्ष के पति से वे स्वयं मिलकर वार्ता किए उन्होंने सड़क ऊंचा कराने का आश्वासन दिया लेकिन आश्वासन कोरा ही रह गया।

नहीं जा पा रहे हैं अस्पताल
शिक्षक नागेंद्र कहते हैं कि वे दो माह से हड्डी की बीमारी से पीड़ित हैं। डाक्टर ने उन्हें एमआरआई कराने की सलाह दी है लेकिन घर तक न तो कोई साधन आ सकता है और न ही वे पैदल सड़क पर जा सकते हैं। इसके चलते उनकी तकलीफ और बढ़ गई है।

जल्द बनवायेंगे सड़क
वार्ड 15 के सभासद रमावती देवी ने कहा कि वार्ड समस्या के लिए अध्यक्ष से वार्ता भी किया लेकिन अभी तक कोई सार्थक पहल नहीं निकला। बोर्ड की बैठक में पहले इस सड़क की समस्या उठाएंगे।

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

MP निकाय चुनाव: कांग्रेस और भाजपा ने जीतीं 9-9 सीटें, एक पर निर्दलीय विजयी

मध्य प्रदेश में 19 नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष पद पर हुए चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

20 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: अलाव तापते वक्त हुआ विस्फोट, पुलिसकर्मी के खोए हाथ

देवरिया के जनपद रामपुर में अलाव तापते वक्त एक पुलिसकर्मी के साथ दर्दनाख हादसा हो गया। इस हादसे में पुलिसकर्मी के दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए।

14 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper