ठोकर तक पहुंचा घाघरा का पानी

Deoria Updated Fri, 27 Jul 2012 12:00 PM IST
बरहज। घाघरा में बढ़ते जलस्तर के चलते रामजानकी मार्ग को बचाने के लिए मेहियवां रगरगंज के बीच बने सोलह ठोकरों पर बृहस्पतिवार से पानी चढ़ने लगा हैं। इसके चलते तटवर्ती लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं।
पिछले एक सप्ताह से घाघरा में पानी तेजी से बढ़ रहा है। जिसके चलते कपरवार संगम तट से कूरह परसिया, कटईलवा से गौरा एवं रगरगंज से पैना तक कटान तेज हो गई है। प्रशासन द्वारा बचाव का इंतजाम नहीं हो पाया है। घाघरा का जलस्तर थाना घाट पर बने खतरे के निशान के नीचे है। जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण घाघरा का पानी रामजानकी मार्ग को बचाने के लिए मेहियवां रगरगंज के बीच बने सोलह ठोकरों पर चढ़ने लगा है। नदी वहां भी तेजी से कटान कर रही है। कटान व इस वर्ष ठोकरों की मरम्मत नहीं हो सकने से तटीय लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं। बताते चलें की इस मार्ग को वर्ष 1998 में घाघरा तोड़ कर गांवों की ओर बह चली थी। उस समय करीब के गांव मेहियवां, भड़सरा, देईडीहां, बरछौली, छपरा, नवापार आदि पानी में डूब गए थे। प्रशासन बाढ़ बाद मार्ग की मरम्मत कर करीब एक करोड़ की लागत से सोलह ठोकर बनाए थे। जिसका बाद में मरम्मत नहीं हो सका। बाढ़ का पानी क्षेत्र के धनया कुंदमहाल, विशुनपुर देवार भदिला प्रथम कर ओर फैलने लगा है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी त्रिभुवन विश्वकर्मा का कहना है कि मार्ग को बचाने के लिए बने ठोकरों की तत्काल मरम्मत कराई जाएगी। राजस्वकर्मी बाढ़ क्षेत्रों में निगरानी के लिए लगाए गए हैं।

Spotlight

Most Read

Varanasi

मतदाता पुनरीक्षण में लापरवाही, चार अफसरों को नोटिस

मतदाता पुनरीक्षण में लापरवाही, चार अफसरों को नोटिस

19 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: अलाव तापते वक्त हुआ विस्फोट, पुलिसकर्मी के खोए हाथ

देवरिया के जनपद रामपुर में अलाव तापते वक्त एक पुलिसकर्मी के साथ दर्दनाख हादसा हो गया। इस हादसे में पुलिसकर्मी के दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए।

14 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper