जब गुड़िया जिंदा है तो मरने वाली बदनसीब कौन थी?

Deoria Updated Wed, 25 Jul 2012 12:00 PM IST
देवरिया। गुड़िया के जीवित घर लौटने पर एक साथ कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। इसने पुलिस अधिकारियों से लेकर परिजनों तक को कटघरे में खड़ा कर दिया है। गुड़िया जीवित है तो झुलस कर मरी युवती कौन थी, यह सबसे अहम सवाल है। आखिर चिता पर बिकाऊ ने बेटी समझ जिसे मुखाग्नि दी, वह युवती किसकी बेटी, बहू, बहन या मां थी?
तब उस लाश को लावारिस बताया गया था। उसकी शिनाख्त जिस चप्पल और बाल के आधार पर हुई, वह गुड़िया की तो नहीं थी अब यह साफ हो गया है। लेकिन इससे यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि शिनाख्त करने वालों के अक्ल पर तब क्या परदा पड़ा था और पड़ा भी था तो क्या वजह थी? बिकाऊ ने जिसे अपनी गुड़िया की लाश समझकर अंतिम संस्कार किया, गोंडा के मोतीगंज में जिन पुलिस अधिकारियों ने मामला दर्ज किया था, वे भी अब हैरत में हैं। तब उन्होंने बेटी की गम में पीड़ित परिजनों को न्याय दिलाने में कुछ उत्साह दिखाया था। आनन-फानन में मामला दर्ज हो गया। ऐसा करने से पहले तब क्या पुलिस को विभिन्न दृष्टिकोण से नहीं खंगालना चाहिए था?
तब बिना वजह और बिना हत्या किए ही जो चार लोग सलाखों के पीछे भेज दिए गए, क्या उन्हें सलाखों में बीते दिन वापस मिलेंगे? उनकी जो बदनामी हुई, क्या उन्हें वही सम्मान मिलेगा? सबसे अहम सवाल यह कि गुड़िया के पिता बिकाऊ को गोंडा से बुरी तरह झुलसी लाश की सूचना देने वाला रिश्तेदार की तो इस पूरे प्रकरण में कहीं कोई भूमिका नहीं है? कहीं यही मास्टरमाइंड नहीं है?

पुलिस की लाठियों ने बना दिया आरोपी
जब गुड़िया के पिता ने चार लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और हत्या की तहरीर दी तो पुलिस भी जांच के कोरम से बच गई। अज्ञात शव की शिनाख्त हो गई। पुलिस ने चारों नामजद को थाने लाई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सभी को बंधक बनाकर पुलिस ने थाने में जमकर पिटाई की। पुलिस के लाठियों के घाव ने चारों के शरीर पर ऐसे जख्म छोड़ा कि सभी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने घटना का खुलासा चंद मिनटों में कर श्रेय भी अपने नाम लूट लिया।
कुछ ऐसा ही था शिखा दुबे कांड
गोरखपुर जिले के कैंट थानाक्षेत्र के इंजीनियरिंग कालेज निवासी शिखा दुबे बीएससी की छात्रा थी। वह अपने मोहल्ले के रहने वाले एक ट्रक मालिक से प्यार कर बैठी। दोनों शादी करना चाहते थे लेकिन परिवार वाले तैयार नहीं थे। इसके लिए उन्होंने एक योजना बनाई जिसमें ट्रक ड्राइवर सोनभद्र जिले की रहने वाली एक लड़की को ट्रक में बैठाकर गोरखपुर लाया। कुसम्ही जंगल में शिखा दूबे के प्रेमी और ट्रक चालक ने लड़की की हत्या कर दी। शिखा दुबे ने पहने हुए कपडे़ को लड़की का पहना दिया और फरार हो गई। शव सिघड़िया के पास पाया गया। शिखा के माता और पिता ने शव की शिनाख्त की। दो बार शव का पोस्टमार्टम हुआ। शिखा के पिता ने मुखाग्नि भी दी। बाद में मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने शिखा और उसके प्रेमी को सोनभद्र से गिरफ्तार कर लड़की की हत्या के मामले में केस दर्ज कर जेल भेज दिया। यह घटना गोरखपुर की अनोखी मर्डर मिस्ट्री में गिनी जाती है।

Spotlight

Most Read

Lucknow

ओपी सिंह होंगे यूपी के नए डीजीपी, सोमवार को संभाल सकते हैं कार्यभार

सीआईएसएफ के डीजी ओपी सिंह यूपी के नए डीजीपी होंगे। शनिवार को केंद्र ने उन्हें रिलीव कर दिया।

20 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: अलाव तापते वक्त हुआ विस्फोट, पुलिसकर्मी के खोए हाथ

देवरिया के जनपद रामपुर में अलाव तापते वक्त एक पुलिसकर्मी के साथ दर्दनाख हादसा हो गया। इस हादसे में पुलिसकर्मी के दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए।

14 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper