सब्जी ने िबगाड़ा बजट, आलू ने तरेरी आंखें

Deoria Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
देवरिया। माह भर में सब्जियों के भाव ने जो गति पकड़ी, उस पर फिलहाल कोई ब्रेक नहीं लग रहा। इससे आम आदमी बेहाल है। आलम यह है कि खुदरा मंडी में 200 रुपये की सब्जी खरीदने पर भी तीन किलो का पालीथीन बैग पूरा नहीं भर रहा। खास बात तो यह इस बार आलू ने भी काफी तेजी पकड़ी है। इसके चलते तरकारी में आलू कम पड़े तो हैरत नहीं होगी। जो हालात हैं, उसमें जल्द सुधार न हुआ तो समोसे से भी आलू के गायब होने की नौबत आ सकती है। यहां नगर में समोसा बेचने वाले कई दुकानदारों ने माह भर से बढ़े आलू की कीमतों के मद्देनजर अपने कारोबार में संतुलन बनाए रखने को जरूरी बदलाव किए हैं। मसलन मालवीय रोड की समोसे की मशहूर दुकान पर प्रति समोसा पांच रुपये से बढ़कर छह रुपये हो गया है। लेकिन इस पर भी दुकानदार को सौदा घाटे का लग रहा है। वहीं दूसरी ओर जलकल रोड, सिविल लाइन, कोआपरेटिव चौराहा, स्टेशन रोड, सीसी रोड स्थित दुकानदारों ने अपने समोसे में या तो आलू की मात्रा कम कर दी है या फिर मसाले की मात्रा में कमी अथवा समोसे के आकार में थोड़ा बदलाव किया है।
देवरिया के मंडियों में 15 दिनों में सब्जियों के बदले भाव
मोती लाल रोड स्थित खुदरा सब्जी मंडी (दर प्रति किलो का)
आइटम मंगलवार को पखवाड़े पहले
सफेद आलू 16 रुपये 13 रुपये
लाल आलू 18 रुपये 16 रुपये
प्याज 12 रुपये 11 रुपये
हरी मिर्च 80 रुपये 30 रुपये
खीरा 40 रुपये 25 रुपये
परवल 40 रुपये 20 रुपये
टमाटर 45 रुपये 30 रुपये
कच्चा केला 30 रुपये 25 रुपये
अरुई 24 रुपये 16 रुपये
बोड़ा 40 रुपये 30 रुपये
भिंडी 24 रुपये 16 रुपये
नेनुआं 24 रुपये 14 रुपये
लौकी 24 रुपये 18 रुपये
सादा बैगन 40 रुपये 30 रुपये
सामान्य बैगन 30 रुपये 20 रुपये
नवीन थोक सब्जी मंडी (दर प्रति क्विंटल)
आइटम मंगलवार को पखवाड़ा पहले
सफेद आलू 11-1200 रुपये 8-900 रुपये
लाल आलू 1250-1300 1000-1100
प्याज 800-850 500-650
परवल 12-1800 1000-1500
करैला 1300 1000
हरी मिर्च 4-5000 18-2000
बैंगन 800-1000 6-800
अभी आपके ही सामने डेढ़ सौ रुपये की सब्जी खरीदी है। इसमें परवल, बैगन, भिंडी, शिमला मिर्च, हरी मिर्च लिए हैं। लेकिन दो किलो की थैली नहीं भरी। ऐसा दिन तो पहली बार देखा है।
जगदंबा तिवारी, मुंसफ कालोनी, देवरिया।
अरे भैया सौ रुपये की सब्जी खरीदी है लेकिन फाव में चार मिर्च तक नहीं मिले जो कि पहले दुकानदार बिना कहे ही दे दिया करते थे।
इष्टदेव, गांव धनौती मिश्र, देवरिया।
पहले तो प्याज ही रुलाया करती थी। लेकिन इस बार तो आलू ने प्याज को भी पछाड़ दिया है। आलू सोलह रुपये किलो? विश्वास ही नहीं होता लेकिन यही सच है।
मंटू गुप्ता, किराना कारोबारी, सब्जी मंडी, देवरिया।
मिलोें से यहां आलू सप्लाई करने वालों का कहना है कि बीते आलू की खेती के मौसम में अंतिम क्षणों में पाला पड़ गया था। उसी का असर अब इसकी कीमत पर पड़ रहा है।
मनोज कुमार श्रीवास्तव, आढ़ती और पूर्व अध्यक्ष, नवीन थोक मंडी समिति, देवरिया।
सब्जी के बढ़े दाम से घर में राशन - पानी के खर्च का बजट गड़बड़ा गया है। रोटी, चावल और दाल के साथ हरी सब्जी और आलू मिक्स वाली सब्जी तो चाहिए ही। बाजार ने तो कमर तोड़ दी है।
शमशाद अहमद गुड्डू, थोक फल कारोबारी, नवीन थोक मंडी, देवरिया।
दो महीने से मसाले और आलू दोनों के दाम बढ़े हुए हैं। जिस एवज में इनके दाम बढ़े हैं, उस एवज में समोसे की मौजूदा क्वालिटी बनाए रखने को दाम बढ़ा दिया जाए तो लोग समोसा खाना ही छोड़ देंगे। अब तो ऊपर वाला ही जानता है कि सिर्फ एक रुपये प्रति समोसे कीमत बढ़ाकर कैसे दुकानदारी चला रहा हूं।
ज्ञानी समोसा वाले, मालवीय रोड, देवरिया।
आलू ने तो सारा खेल बिगाड़ दिया है। दुकानदारी बनाए रखने को कभी आलू कम तो कभी मसाला कम या फिर उसके साइज में कुछ कमबेसी कर काम चलाया जा रहा है।
आनंद कुमार, समोसा-कचौड़ी की दुकान
चलाने वाले, जलकल रोड, देवरिया।

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