विज्ञापन

निजी स्कूलों और अस्पताल पर छापा, मचा हड़कंप

Deoria Updated Thu, 05 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
दो स्कूलों में मिलीं फर्जी किताबें
विज्ञापन
रुद्रपुर। बुधवार को रुद्रपुर ब्लाक की खंड शिक्षा अधिकारी ने बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थाओं में छापा मारकर वहां चलाई जा रही पुस्तकों की जांच की। इस दौरान शहर के करीब आधा दर्जन निजी स्कूलों पर छापा मारा गया। छापेमारी से पूरे शहर में हड़कंप मच गया। शहर के दो स्कूलों में बिहार के फर्जी प्रकाशकों की किताब मिली। वहीं एक स्कूल में बाकायदा किताबों की दुकान चल रही है।
बेसिक शिक्षा परिषद के नियमों की अनदेखी कर फर्जी प्रकाशकों की किताब चलाने वाले शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ बीइओ सीमा मिश्रा ने सीडीओ और बीएसए को रिपोर्ट भेज दिया है। अमर उजाला ने नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने पर परिषद से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इन स्कूलों में पुस्तकों की कालाबाजारी का मामला उजागर हुआ। स्कूल बेसिक शिक्षा परिषद की किताबों की जगह बिहार की फर्जी किताब बेच रहे थे। इस समाचार को तीन जुलाई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। समाचार पढ़कर सीडीओ ने बीएसए को जांच का निर्देश दिया। बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी सीमा मिश्रा के साथ बेसिक की टीम ने शहर के शिक्षण संस्थानों पर छापेमारी कर पुस्तकों की जांच की। जांच के दौरान आदर्श चौराहा स्थित उदय एकेडमी में परिषद की सरकारी पुस्तकों की जगह दूसरे प्रकाशकों की किताबें पढ़ाई जा रही थी। वहीं कैंपस में किताब की दुकान खुली थी। बच्चों ने बताया कि उन्हें पुस्तकें स्कूल की दुकान से खरीदनी पड़ती है। बभौली चौराहा स्थित रायल एकेडमी पर भी फर्जी पुस्तकें चलाई जा रही थी। बीइओ नेे महाराणा प्रताप शिक्षण संस्थान और राजीव गांधी विद्यालय में भी जांच की।
डाक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज
सलेमपुर। डिप्टी सीएमओ और नायब तहसीलदार के नेतृत्व में गठित टीम ने बुधवार को यूनानी चिकित्सक मो. रईस के पिवकोल स्थित माडर्न एक्यूपंचर सेंटर पर छापेमारी की। सेंटर पर 27 मरीजों का एलौपैथ पद्घति से इलाज करते पकड़ा। डाक्टर के खिलाफ इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत कोतवाली में केस दर्ज किया गया।
नायब तहसीलदार मिथिलेश तिवारी और डिप्टी सीएमओ डा. एसडी ओझा की दोपहर में क्लिनिक पर पहुंची। मौके पर डा. मो. रईस नहीं मिले। अस्पताल में 30 बेड और 27 मरीज पाए गए। जिन्हें एलोपैथ दवाओं की ड्रिप लगाई गई थी। उनके सहायक फजलूल हक अंसारी ने बताया कि मो. रईस ने कानपुर विश्वविद्यालय कानपुर से यूनानी बीयूएमएस की डिग्री ली गई है। नायब तहसीलदार ने बताया कि यूनानी की डिग्री लेकर मरीजों का एलोपैथ से उपचार किया जा रहा था। जो कि शासन के पत्र संख्या 1368/सेक-5-पांच-2012-205 के अनुसार दंडनीय अपराध है। इसलिए चिकित्सक के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। कार्रवाई की जाएगी।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Deoria

ड्रेस में कमीशन के विवाद को लेकर चली गोली

शहर के सोमनाथ मंदिर इलाके की घटना, कार से आए थे बदमाश, निशाना चूका और दीवार में लगी गोली

24 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

VIDEO: बच्ची से सुनिए देवरिया बालिका गृह की गंदी करतूत का पूरा सच

देवरिया बालिका कांड में तीन सदस्यीय टीम ने जांच पूरी कर ली है। अब जांच की रिपोर्ट तैयार कर सीएम योगी को सौंपी जाएगी।

7 अगस्त 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree