विज्ञापन

अर्णिमंथन : वैदिक मंत्रों से गुंजायमान हो गया तीर्थक्षेत्र

Chitrakoot Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
चित्रकूट। विश्वशांति और जनकल्याण के लिए श्रीधर धाम दास हनुमान देवस्थान में चल रहे पुरुषोत्तम मास एवं रामकथा में रविवार को सुबह लगभग छह बजे महालक्ष्मी महायज्ञ के सभी 288 यजमानों को दशविधि स्नान कराकर शुद्धिकरण के बाद विधिवत पूजन कराया गया। इसके बाद वैदिक मंत्रों के साथ अर्णिमंथन से यज्ञ की अग्नि स्थापना की गई। यही अग्नि पंचदिवसीय महायज्ञ के 144 कु ंडों में प्रतिष्ठापित की गई।
विज्ञापन
आरती झालरिया पीठाधिपति रामनुजाचार्य श्री घनश्यामाचार्य जी महाराज जी के सानिध्य में यज्ञ के मुख्य यजमान सुदर्शन जी बगड़िया, महेश जाजू, राम कथा के मुख्य यजमान गोविंद माहेश्वरी, नवीन माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, बृजेश माहेश्वरी समेत सभी यजमानों ने सपत्नीक वैदिक मंत्रों के साथ अर्णिमंथन किया। वैदिक मंत्रों के उच्चारण से पूरा मंडप गुंजायमान हो गया। इस अनूठे आयोजन ने धार्मिक मेले का स्वरूप ले लिया। अर्णिमंथन से उत्पन्न इसी अग्नि को 144 कुंडों में प्रतिष्ठापित करके महालक्ष्मी महायज्ञ की विधिवत शुरुआत की गई। पांच दिन तक चलने वाले इस यज्ञ में 144 यजमान सपत्नीक 301 वैदिक पंडितों के साथ वेदमंत्रों का उच्चारण करेंगे। महायज्ञ में यजमान 16 लाख श्रीसूक्त मंत्रों की आहुतियां देंगे। यज्ञ सात बजे से साढे़ बारह बजे तक चलेगा।
कोटा के गिरिराज मित्रमंडल परिवार ने भजन संध्या से लोगों का मन मोह लिया। भजन संध्या में मुख्य यजमान गोविंद माहेश्वरी ने भी भजन गाए। उनके भजनों, महायज्ञ गजानन राऊजी, म्हारी सभा में रसराऊजी/ छम छम नाचे रे कबीर हनुमान, कहते हैं लोग इसे राम का दीवाना/ मीठे रस से भरयो राधा रानी लागे, म्हाने यमुना जी के पानी खारो खारो लागो, पर लोग भाव विह्वल होकर नाचने लगे। भक्ति रस के साथ ही गुरु की महिमा का गुणगान कर लोगों को गुरु भक्ति का बोध कराया। आनंद ही आनंद परम बलिहारी, ऐसे सतगुरु दी रूप अनुपम पायो, जैसे तारो बिच चंदा गाकर मन मोह लिया। कुछ भक्त तो भाव विह्वल होकर नाचने लगे। मंच पर बांके बिहारी की मूर्ति भी सजाई गई। भजन संध्या रात बारह बजे तक चलती रही। ऐसा लगा मानो चित्रकूट का श्रीधर धाम वृंदावन में बदल गया। गिरिराज मित्र मंडल पचास परिवारों का समूह है। यह परिवार देश के विभिन्न जगहों पर भजन संध्या आयोजित करता है।
कष्ट में ही याद आते हैं भगवान और मां
झालरिया पीठाधिपति रामनुजाचार्य श्री घनश्यामाचार्य जी महाराज ने कहा कि जब तक बच्चा मां के गर्भ में होता है तब तक वह भगवान का भजन करता है लेकिन जैसे ही वह बाहर निकलता है, वैसे ही व्ही,व्ही की रोने की आवाज में बच्चा यही कहता है कि भजन वही रहने दो, अब मैं बाहर आ गया। जीव मां को याद तभी तक रखता है जब तक वह अंगुली पकड़ कर चलना सीखता है, जैसे ही बड़ा होता है वह मां को भी भूल जाता है यानी मोह माया में फंस जाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों में आने से मनुष्य को ज्ञान होता है, मोह से हटकर वह भक्ति भजन में लीन होता है। उन्होंने कहा कि रावण दस सिर से नहीं, बल्कि बुराइयों की वजह से कुख्यात हुआ। उसने मां, भाई, पत्नी, पिता सभी का तिरस्कार किया था, आज भी ऐसे रावण समाज में हैं। उन्हाेंने हा कि भगवान ही हैं, जो मनुष्य की बुराइयों को भी ले लेते हैं।
झालरिया पीठ के युवराज भूदेवाचार्य जी महाराज ने तुलसीदास का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि कामिहि नारि पियारि जिमि, लोभी प्रिय जिम दाम तिय रघुनाथ निरंतर प्रिय लागहु मोहि राम। यानी जैसे कामी को स्त्री और लोभी को धन से लालच होता है, वैसा ही लालच भगवान राम से तुलसीदास ने अपने लिए मांगा। उन्होंने बताया कि तुलसी दास ने रामचरित मानस लिखने के बाद भगवान राम से वरदान के लिए कहे जाने पर भक्ति के लोभ का वरदान मांगा है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Kanpur

महिलाओं के साथ छेड़खानी का विरोध करना सिपाहियों को पड़ गया महंगा, नशे में धुत युवकों ने पीटा

यूपी के चित्रकूट जिले में सोमवार की दोपहर शहर के सबसे व्यस्त चौराहे पर दो युवकों ने ड्यूटी पर मौजूद दो यातायात विभाग के सिपाहियों को पीट दिया। नशे में धुत दो युवक चौराहे के पास मौजूद टेंपो में मौजूद महिलाओं के साथ छेड़खानी कर रहे थे।

25 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

हत्यारा सामने खड़ा है, पुलिस मानने को तैयार नहीं!

यूपी के चित्रकूट से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पर एक पत्नी ने अपने पति की अवैध संबंधों के चलते हत्या करवा दी। हैरानी तो तब हुई जब गुनाह कुबूल करने के बाद भी पुलिस ने महिला के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की। देखिए ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

6 जुलाई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree