बच्चे बोले...इस दिन हमारी भी सुनो

Chitrakoot Updated Fri, 17 Aug 2012 12:00 PM IST
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विनोबानगर में बाल आवाज आजादी पहचान कार्यक्रम
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चित्रकूट। बरगढ़ गाहुर के विनोबा नगर में आजादी की वर्षगांठ के दिन अनूठा कार्यक्रम हुआ। बाल आवाज आजादी पहचान कार्यक्रम में ग्रामीण बच्चों ने अपनी-अपनी व्यथा सुनाई।
कलचिहा की अर्चना ने बताया कि उसके पिता ने उसकी पढ़ाई इसलिए छुड़वा दी, कि उनके पास पैसा नहीं है। हां, अब हमारी छोटी बहन को जरूर पढ़ाया जा रहा है। मैं भी पढ़ना चाहती हूं। बरगढ़ की कक्षा सात की छात्रा सपना ने बताया कि उसके पिताजी पांच साल से टीबी के मरीज हैं, मां की तबीयत भी खराब रहती है, जिससे मैं स्कूल नहीं जा पा रही, मुझसे मजदूरी कराई जा रही है। ग्राम बोझ से पहुंची ममता ने बताया कि उसका भाई उसे स्कूल नहीं जाने देता, उससे जानवर चरवाता है। नहर पुर्वा की डेजी और सपना ने मांग की हमें भी मिलना चाहिए अच्छा खाना और पढ़ाई। गौरतलब है कि सर्वोदय सेवा आश्रम ड्राप आउट और विकलांग बच्चों को स्कूल भेजने के लिए इस इलाके में अभिभावकों को प्रेरणा दी जा रही है। संस्था के मंत्री अभिमन्यु सिंह ने कहा कि हमें पंचायतों को असरदार बनाना होगा और प्रत्येक पंचायत को बालमित्र के रूप में खड़ा करना होगा. जिसमें बच्चों की बात सुनी जाए। उन्होंने कहा कि उनके सर्वे में सामने आया है कि बरगढ़ गाहुर न्याय पंचायत में छह से 14 साल के 135 बच्चे बालश्रम को मजबूर हैं तो 33 माता-पिता टीबी के मरीज हैं। इस मौके पर हुई प्रतियोगिताओं में बच्चों को पुरस्कार दिए गए।
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