‘रमेश ने तोड़ा वचन तो छोड़ा हमने साथ’

Chitrakoot Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
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चित्रकूट। भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवशंकर सिंह और अर्जुन शुक्ला चर्चा में हैं। वजह समाजवादी पार्टी द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश पटेल के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में खड़े होना। हालांकि दोनों भाजपाई इसकी वजह रमेश पटेल का सदर विधायक वीरसिंह से समझौते की कोशिश करना और वचन को तोड़ना बताते हैं।
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सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश पटेल के खिलाफ जिन नौ सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस सौंपी है, उसमें भाजपाइयों शिवशंकर सिंह और अर्जुन शुक्ला के नाम भी हैं। शिवशंकर सिंह पिछली बार भी चर्चा में आए थे जब वह इन्हीं रमेश पटेल के जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के समय प्रस्तावक बने थे। शिवशंकर सिंह ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि तब प्रस्तावक बनना मेरी नासमझी कही जा सकती है पर कैरियर पर दाग नहीं। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पर सपा के साथ खड़े होने की बात पर कहा कि वह और अर्जुन शुक्ला दोनों रमेश पटेल के साथ थे पर जब इस बात के पुख्ता प्रमाण मिल गए कि रमेश वीरसिंह के संपर्क में हैं और समझौते की कोशिश कर रहे हैं तो हमने उनका साथ छोड़ दिया। शिवशंकर सिंह के अनुसार, भरतकूप मंदिर में रमेश पटेल ने कसम खाई थी कि वह वीरसिंह की मदद से सपा में नहीं जाएंगे पर वीरसिंह ने उनके सामने अध्यक्ष को फोन किया तो इस बात की पुष्टि हो गई कि रमेश और वीरसिंह में कुछ चल रहा है। शिवशंकर सिंह के अनुसार, इसके बाद उन्होंने तय कर लिया कि ऐसे आदमी का साथ नहीं देना है। उन्होंने कहा कि सपा के अविश्वास प्रस्ताव के साथ आने से पहले उन्होंने पार्टी की संयोजिका रंजना उपाध्याय और प्रदेश स्तर के नेताओं से संपर्क किया था। इसी तरह की बात अर्जुन शुक्ला ने कही। उन्होंने कहा कि पहले कई बार फोन करने वाले रमेश का जब से वीरसिंह से संपर्क हुआ, उन्होंने फोन करना बंद कर दिया। कभी सतना तो कभी लखनऊ में होने की बात करने वाले रमेश लखनऊ में वीरसिंह के पास बने रहे। जब उलाहना दी तो कहा कि हम एक ही जाति के हैं और एक हो गए तो आपको क्या आपत्ति है? अपने प्रखर विरोधी रहे अनीता सिंह बघेल के ठेकेदार पति को 35 लाख का ठेका दिया और हम जैसे समर्थकों को 15 लाख का। ऐसे में रमेश के साथ रहने का कोई मतलब नहीं था।
उन्होंने भी कहा कि रमेश पटेल के वचन तोड़ने के कारण ही उन लोगों ने उनका साथ छोड़ दिया। कहा कि वह सिर्फ और सिर्फ शिवशंकर यादव को अध्यक्ष पद पर देखना चाहते हैं।
आलाकमान को बता दिया-रंजना उपाध्याय
भाजपा की जिला संयोजक रंजना उपाध्याय ने बताया कि उनको सुबह समाचार पत्रों से पता चला कि दो भाजपा के जिला पंचायत सदस्यों ने भी सपा द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस में हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने इस संबंध में पार्टी प्रदेश आलाकमान को सूचित कर दिया है। वीरसिंह के दबाव में हैं दोनों-रमेश पटेल
जिला पंचायत अध्यक्ष दोनों भाजपा जिला पंचायत सदस्यों के आरोप का खंडन करते हैं। उन्होंने कहा कि यह मनगढ़ंत बातें हैं कि वह सपा में जाने के लिए वीरसिंह के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि दोनों लोग वीर सिंह की दबंगई के प्रभाव में हैं। वह एक अध्यक्ष होने के नाते अगर सत्ता पक्ष के किसी व्यक्ति से मिले भी तो इसका गलत अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए था। वह सपा में नहीं जाने वाले।

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