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प्रमाणपत्र बनवाने में आ रही दिक्कत

Chitrakoot Updated Tue, 17 Jul 2012 12:00 PM IST
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चित्रकूट। तहसील कर्वी में आय जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अभिभावकों के पसीने छूट जा रहे हैं। तहसील कार्यालय में लेखपाल की रिपोर्ट लगाने के बाद एक सप्ताह में बन कर मिल रहे हैं।
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जुलाई के महीने में विद्यालयों की छात्रवृत्ति के लिए छात्र-छात्राओं को आय प्रमाणपत्र लगाना आवश्यक है। जिससे अभिभावकों व छात्र-छात्राओं को आय प्रमाणपत्र के लिए तहसील में इधर उधर भटकना पड़ रहा है। तरौंहा के शिवमोहन अपनी पुत्री की छात्रवृत्ति के लिए फार्म खरीदने के बाद हलफनामा लगाकर लेखपाल की तलाश कर रहे थे। बताया कि सुबह से ही लेखपाल की तलाश कर रहे हैं लेकिन उनसेे मुलाकात ही नहीं हो रही है। वहीं पर एक लेखपाल लोगों से आय प्रमाणपत्र पर रिपोर्ट लगाने के लिए फार्म लेकर बैग में रख रहे थे। उन्होने बताया कि इस समय उन लोगों के पास रोज सौ से लेकर एक सौ पच्चीस फार्म रोज मिल रहे हैं। बताया कि जिन्हें व्यक्तिगत तौर पर जानते हैं उनकी तुरंत रिपोर्ट बना देते है जिन्हें नहीं पहचानते उनका फार्म एक दिन में पूछताछ करने के बाद देते है।

तहसील के काउंटर से प्रमाणपत्र लेकर भीड़ से बाहर निकले एक छात्र पांडेपुरवा सुदिनपुर के तेजकुमार के पिता का नाम रमेश की जगह पर रमकेश हो गया। चितरा गोकुलपुर के इंद्रेश के पुत्र मुन्ना के आय प्रमाण पत्र पर इंद्रेश की जगह दूंद्रेश हो गया। वहीं सुरिजपाल पुत्र शिवलाल के प्रमाणपत्र में आय अंकों में बीस हजार आठ सौ और शब्दों बीस हजार मात्र लिखा था। इसे लेकर छात्र व अभिभावक टहलते रहे इसके बाद नायब नाजिर से मुलाकात करने के बाद ही उनके आय प्रमाण पत्र में शाम को पांच बजे ही हो पाया।तहसीलदार कर्वी बीडी गुप्ता ने बताया कि शुरू में इस तरह की शिकायतें आई थी लेकिन इस समय नहीं मिल रही हैं। जब उनसे बताया गया कि आज ही चार-पांच लोगों के प्रमाणपत्र गलत मिले तो उन्होंने बचाव करते हुए कहा कि काम के लोड से ऐसा हो रहा है। जब पांच पांच सौ प्रमाणपत्र बनेंगे तो दो चार में तो गलतियां हो सकती हैं।
नामांकन के साथ भरे जा रहे छात्रवृत्ति के फार्म
जनसेवा इंटर कालेज के प्रधानाचार्य जगदंबिका प्रसाद ने बताया कि शासनादेश आ गया है अब नाम लिखते समय ही छात्र के आय प्रमाणपत्र लगवा कर छात्रवृत्ति का फार्म भी साथ में ही भरवा लिए जाए अन्यथा इसमें बाद में काफी विसंगतियां आ जाती है और कम छात्राें को ही छात्रवृत्ति मिल पाती है। सीआईसी के प्रधानाचार्य रणवीर सिंह ने बताया कि छात्रों को जूनियर कक्षाओं में सभी को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में जाति के अनुसार, शहरी व देहात के आधार पर नियत आय होने पर ही छात्रवृत्ति ही दी जा सकेगी।

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