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लू से दो दिन के अंदर पांच लोगों की मौत!

Chitrakoot Updated Sun, 17 Jun 2012 12:00 PM IST
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चित्रकूट। लू से दो दिन मे पुलिसकर्मी सहित पांच लोगों की मौत हो गई, किंतु प्रशासन मानने से इंकार कर रहा है। डाक्टरों ने लोगों से दिन में बाहर न निकलने और हमेशा पानी पीते रहने की सलाह दी है।
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पुलिस लाइन में तैनात डाग हैंडलर कांस्टेबल प्रदीप कुमार शाह (25) पुत्र देवी प्रसाद निवासी देवरिया की मौत हीट स्ट्रोक से हो गई। सीओ सिटी सुरेश चंद रावत ने बताया कि वह शुक्रवार को खोह से कर्वी कुत्ते की दवा लेने आया था। शाम को रेलवे स्टेशन के पास इसका शव पाया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, मऊ कस्बे में चार लोगों की मौत हो गई। मऊ प्रतिनिधि के अनुसार, मनकुवार निवासी रामरतन (65) पुत्र जगदेव अपने घर से शुक्रवार को सुबेरे भेड व बकरियां लेकर चराने के लिए निकला था। शाम को इसकी बकरियां वापस आ गई लेकिन इसका पता नही चल सका। रात भर इसके परिजन इसे खोजते रहे सुबह एक बबूल के पेड़ के नीचे इसका शव पाया गया। इसके घर पर एसडीएम और एसआई मौके पर पहुंचे पर घरवालों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। होली विश्वकर्मा (60) पुत्र रामेश्वर नीबी की भैंस गुरुवार को रात में छुड़ाकर कही चली गई तो वह उसे खोजने निकले शाम को वापस नही आए सुबह उनका शव खुटहा तालाब के पास पाया गया। रामचंद्र निषाद (56)पूर्व प्रधान अहिरी मजरा छिवली की पान की गुमटी थी वह दुकान में बैठा था। शाम को उसका पुत्र भजनलाल उसे देखने के लिए दुकान पर आया तो उसे मृत पाया। उधर, बेलहा निवासी ननकावन (40) पुत्र साधु पाल बकरी चराने गया था। वहीं पर गर्मी में बेहोश हो गया। घर वाले उसे घर से अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि उसने दम तोड़ दिया। चारों की मौत के पीछे लू कारण माना जा रहा है हालांकि मामले में तहसीलदार ने दो मामलों में लू से मौत होने की बात से इंकार किया। उधर, देर से मिली खबर के अनुसार जगरहट निवासी शिवलखन (55)पुत्र जगदेव की लू लगने से हालत गंभीर है। तहसीलदार उसे देखने उसके घर देर शाम पहुंचे।
शहर में चिकित्सकों के पास भी लू लगने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। शहर के प्रसिद्ध फिजीशियन सीताराम गुप्ता ने बताया कि उनके पास डायरिया के तो ज्यादा नही लेकिन हीट स्ट्रोक का मरीज भर्ती हुआ था। उन्होने बताया कि उसके जलन बेचैनी और घबराहट हो रही थी जिसे ग्लूकोल लगाने के बाद ही राहत मिली। डा. सुरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि उनके यहां नित्य प्रति आठ से दस मरीज डायरिया के आते है। बताया कि हीट स्ट्रोक के मरीज इस समय ज्यादा आते हैं यह स्थिति तो काफ ी खतरनाक होती है इसमें मरीज की मौत भी हो जाती है। उन्होने बताया कि इस समय प्यास न लगने पर भी लगातार पानी पीना चाहिए। डा. सुरेंद्र के क्लीनिक में इलाज करा रहे एक मरीज के परिजन ने बताया कि उसके मरीज को बेचैनी हो रही है।
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