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बिजली कटौती ने किया नाक में दम

Chitrakoot Updated Sun, 03 Jun 2012 12:00 PM IST
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चित्रकूट। सूर्य की तपिश में पूरा जिला धधक रहा है। सूर्यदेव के कोप से बचाने की बजाय बिजली विभाग लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। भीषण गर्मी में कटौती ने लोगों का चैन छीन लिया है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक लोग परेशान हैं। कटौती से तंग लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी।
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कर्वी में लो वोल्टेज से कूलर, पंखे सब बेकार हैं। जलालुद्दीन, मो. रशीद, मोहनलाल फौजी, भरत गुप्त का कहना है कि जब से 132 केवी की लाइन सिराथू से हटाकर घाटमपुर में परीक्षा से आई लाइन से जोड़ी गई है, तभी से लो वोल्टेज की समस्या है। लोग भीषण गर्मी में रात गुजारने को मजबूर हैं। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि जनता को कटौती की समस्या से निजात दिलाने के लिए बुंदेली सेना जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के घरों पर डेरा डालेगी। पहाड़ी के शिवाकांत त्रिपाठी, दिनेश मिश्र, मनोज नामदेव, मनोज नामदेव, मनोज द्विवेदी, राजीव रतन मिश्रा, मानवेंदु सिंह, शिवप्रकाश पांडे, दिनेश गुप्ता और कमल गौतम का कहना है कि रात में दस बजे से एक बजे तक बिजली कटौती की जाती है। इससे लोगों की नींद उड़ जाती है। लोगों का कहना है कि बिजली न होने से पेयजल की समस्या पैदा हो गई है। सरैया प्रतिनिधि के अनुसार, रात की कटौती से ग्रामीण त्रस्त हैं। रैपुरा गांव के नत्थू राम उपाध्याय, राजेश पांडे, अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि बिजली की कमी से बच्चों की पढ़ाई-लिखाई बाधित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली न रहने से नलकूप ठप है। सरैंया के जानकी शरण, कल्लू चौबे, रमाशंकर, नारायण दत्त, रोहित, सुरेश, परमेश्वर, रजुआ और तीरथ प्रसाद ने बताया कि बिजली हर आधे घंटे में दस मिनट के लिए गुल हो जाती है। गांवाें में हालात यह है कि मोबाइल तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। मानिकपुर में बिजली की दशा भी और कस्बों से अलग नहीं है। रात की अघोषित कटौती से लोगों की नींद हराम हो गई है। शीलनिधि खरे, सूरिजपाल यादव ने बताया कि बिजली न रहने से पानी की भी समस्या विकराल हो गई है। जल संस्थान के एक कर्मचारी ने बताया कि मानिकपुर में पानी की दिक्कत दूर करने के पर्याप्त बिजली चाहिए, क्योंकि यहां पानी घाटी के नीचे से चढ़ाया जाता है। घाट के नीचे से ऊपर के पंपिंग स्टेशन तक पानी चढ़ाने में एक घंटे का समय लगता है। इस बीच बिजली कट गई तो पूरा का पूरा पानी वापस लौट जाता है। मऊ प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे में शेड्यूल तो दिन में एक बजे से शाम सात बजे और रात में नौ बजे से सुबह नौ बजे तक क ा है लेकिन दो दिनों से बिजली की लुकाछिपी जारी है। हनुमान प्रसाद पांडे, जयप्रकाश तिवारी, विनोद कुमार, अरुणेंद्र सिंह, प्रेमनारायण पांडे ने रात की कटौती से मुक्ति दिलाने की मांग की। साथ ही सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
अघोषित कटौती के बारे में अधिशासी अभियंता सुनील चंद ने बताया कि बुंदेलखंड में बीस घंटे बिजली देने की बात की गई है। उन्होंने बताया कि सिस्टम को ओवरलोड से बचाने के लिए लखनऊ निर्देश मिलता है तो बिजली ट्रिप कर दी जाती है। कभी-कभी मरम्मत के लिए शट डाउन की वजह से भी बिजली बाधित होती है। बिजली अधिकारियों का कहना है कि कटौती के आदेश ऊपर से आते हैं। ऐसे में कटौती की पहले जानकारी भी नहीं दी जा सकती।

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