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गर्मी में रोडवेज बसों में यात्रा करना असहनीय

Chitrakoot Updated Wed, 30 May 2012 12:00 PM IST
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पुराने टायरों और खटारा बसों से यात्री हलकान
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पंचर होकर रास्ते में ही जवाब दे रही हैं बसें
चित्रकूट। एक तो गर्मी के मौसम में चलने वाली लू ऊपर से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की खटारा बसों की टूटी खिड़कियां लोगों की परेशानियां बढ़ा रही हैं। वहीं बसों के पुराने टायर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वहीं जिम्मेदार अधिकारी खराब सड़कों से गाड़ियों की दुर्दशा होने की बात कह रहे हैं।
जिले की रोडवेज बसों में यात्रा करना गर्मियों के मौसम में खतरे से खाली नहीं है। बांदा से इलाहाबाद जाने वाली जीरो रोड और बांदा रोड डिपो की 13-13 गाड़ियां चलती हैं। जीरो रोड डिपो की कई बसों की दशा इतनी खराब है कि बांदा से इलाहाबाद के बीच में बसें औसतन दो से तीन बार पंचर हो जा रही हैं। जीरो रोड के एक परिचालक ने बताया कि उसने इलाहाबाद से बांदा जाते समय देउधां और बांदा में पंचर बनवाया। बताया कि उसके पीछे आने वाली जीरो रोड की गाड़ी यूपी 70 एटी 2068 भी खुरहंड में, यूपी 70 एटी 2598 पंचर होकर बांदा में ही खड़ी है। परिचालक ने बताया कि बसों के पंचर होने पर यात्री काफी परेशान करते हैं। कभी-कभी तो यात्री इतना परेशान करते हैं, किराया वापस करना पड़ता है। बताया कि उसके डिपो के अधिकारी भी उनका उत्पीड़न ही करते हैं अभी पिछले दिन खुद एआरएम ने उसके पंचर बनवाने के बिल की पर्ची फाड़कर फेंक दी। परिचालक ने कहा कि उसके बस की खिड़की भी टूट गई जिसे बस के अंदर रखा है इससे भी यात्री कम संख्या में सफर करते हैं। जो यात्रा कर रहे उन्हें भी लू से काफी परेशानी हो रही है। जीरो रेाड की बस से इलाहाबाद के लिए यात्रा कर रहे अशोक ने बताया कि यह बस से बांदा से कर्वी के बीच में कई बार पंचर हो चुकी जिससे डेढ़ घंटे का सफर तीन घंटे लग गया। इसके अलावा कर्वी इलाहाबाद रुट की ज्यादातर बसें खटारा होने से यात्री काफी परेशान होते हैं।

खराब सड़कों को दोष दे रहे हैं जिम्मेदार
जीरो रोड डिपो के सर्विस मैनेजर कुलदीप वर्मा ने बताया कि बांदा रोड की सड़कें इतनी खराब हैं कि उनकी डिपो की गाड़ियों के एक माह में 87 टायर फट गए। बताया कि बांदा रोड पर गाड़ी चलाना ही घाटे का सौदा साबित हो रहा है। वही बांदा डिपो के एआरएम महेश कुमार ने बताया कि गर्मियों और सड़क की खराब दशा से गाड़ियां खराब हो रही हैं। उन्होंने टायर न होने से बीस बसों के खड़े हो जाने की बात को गलत बताते हुए कहा कि दो तीन दिन में टायर मिलने वाले हैं जिससे गड़बड़ बसों के टायर बदल दिए जाएंगे।

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