सारी कलाएं समाहित करने वाली ही ललित कला : बी पांडे

Chitrakoot Updated Thu, 24 May 2012 12:00 PM IST
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चित्रकूट। उप्र राज्य ललित कला अकादमी लखनऊ के तत्वावधान में जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय में ग्रीष्मकालीन चित्रकला कार्यशाला में कुलपति प्रो. बी पांडे ने कैनवास पर तूलिका चलाई। उन्होंने अपने विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग को सर्वश्रेष्ठ विभाग बताया। कुलपति ने कहा कि सारी कलाओं को समाहित करने वाली ही ललित कला है।
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कुलसचिव प्रो. आर्या प्रसाद त्रिपाठी ने चित्रकला कार्यशाला की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि वित्त अधिकारी आरपी मिश्र ने कार्यशाला को हर सहयोग प्रदान करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन भविष्य में भी होते रहने चाहिए, जिससे यहां के लोग लाभान्वित हो सकें। संयोजक और ललित कला विभाग के प्रभारी देवेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि ललित कला अकादमी लखनऊ प्रदेश स्तर पर विभिन्न शहरों में कार्यशाला, प्रदर्शनी और स्कालरशिप इत्यादि माध्यमों से युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करती है। इस अवसर पर विकलांग विश्वविद्यालय की शोध पत्रिका समानुभूति का भी विमोचन किया गया। संचालन संस्कृत विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. तुलसीदास परौहा ने किया। इस अवसर पर प्रो. योगेश चंद्र दुबे, डा. शचींद्र उपाध्याय, विपिन पांडे, किरण त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
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