सतर्कता विभाग ने शुरू की जांच

Chitrakoot Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
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चित्रकूट। जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय चित्रकूट पर अपने स्थापना काल से ही समय-समय पर आरोप लगते रहे हैं। कुलपति ने कहा कि विवेचना से ही उनकी संस्था पर लगा कलंक छूटेगा।
पांच फरवरी को कर्वी कोतवाली में सचिव गीता देवी मिश्रा व गिरिधर लाल मिश्र उर्फ जगद्गुरु रामभद्राचार्य , गोरखनाथ पांडे तत्कालीन कुलपति, कुलसचिव अवनीश चंद्र मिश्र कुमार, विपिन कुमार पांडे सहायक आचार्य अंग्रेजी विभाग के विरुद्ध सतर्कता विभाग झांसी ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
इस एफआईआर की विवेचना इंस्पेक्टर सीएल दिनेश ने शुरू कर दी है। उनका कहना है कि पूर्व में की गई जांच के संबंध में सभी संबंधित पक्षोें का बयान लिया। विवेचना अधिकारी ने प्रभारी कुलसचिव आर्या प्रसाद त्रिपाठी से संपर्क कर विवेचना की कार्रवाई की है। मामले में विश्वविद्यालय के कुलपति ने प्रो बी पांडे ने बताया कि विवेचना से खुद दूध का दूध व पानी का पानी हो जाएगा।

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