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एसडीएम की कार्यवाही पर माया ने अनशन तोड़ा

Chitrakoot Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
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चित्रकूट। तहसीलदार और कानूनगो पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी आवास पर अनशन पर बैठी दलित युवती माया देवी उप जिलाधिकारी द्वारा मौके का निरीक्षण कराने की बात कहने पर घर लौट गई। इससे पहले गुरुवार की रात को माया देवी को कोतवाल मनोज कुमार कौशिक और महिला थाना प्रभारी आरवाई खान गुरुवार देर रात उठाकर महिला थाने ले गए। अचानक हुई कार्रवाई से हैरान माया ने थाने में भी अनशन जारी रखा। शुक्रवार सुबह पुलिस ने कई धाराएं लगाकर उसे एसडीएम कोर्ट में पेश किया। उसको निजी मुचलके पर शाम लगभग साढ़े चार बजे छोड़ा गया। इस मामले में एसडीएम मऊ अभयराज ने प्रथमदृष्टया लेखपाल की ज्यादती की बात कही है।
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तहसीलदार और कानूनगो पर पक्षपात और जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ पहाड़ी एसओ द्वारा कार्रवाई न करने का आरोप लगा पहाड़ी ब्लाक के औदहा की माया देवी गुरुवार को आमरण अनशन पर बैठ गई थीं। पूरे दिन वहां कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। रात लगभग दस बजे कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार कौशिक पहुंचे और अनशन तोड़ने को कहा। माया ने जब इंकार कर दिया तो लगभग दो घंटे बाद कोतवाल महिला थाना प्रभारी आरवाई खान के साथ वहां पहुंचे और उसको उठाकर महिला थाने ले गए। यहां भी उसने अनशन जारी रखा। सुबह आरवाई खान उसको जिला अस्पताल ले गईं। वहां माया ने चिकित्सक के ग्लूकोज लगाने की कोशिश को नाकाम कर दिया। माया पर कई धाराएं लगा चालान करते हुए एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया। एसडीएम मऊ अभयराज ने लेखपाल और माया के अलग-अलग बयान लिए। उन्होंने बताया कि लेखपाल और माया के बयान में भिन्नता है। इसमें लेखपाल की ज्यादती दिखाई पड़ रही है। उन्होंने कहा कि तहसीलदार या उससे ऊपर के अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण कराकर न्यायोचित ढंग से मामले को निपटाया जाएगा। पूरे मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दे दी है। एसडीएम की कार्रवाई से माया संतुष्ट दिखी और फिर घर चली गई।

एसडीएम की सूझबूझ से बनी बात
कोतवाल मनोज कुमार कौशिक द्वारा रात में युवती को अनशन से उठाने को लेकर पूरे दिन सरगर्मी रही। बात तब बनी जब एसडीएम मऊ ने कमान संभाली। उन्होंने कोतवाल और लेखपाल को फटकार भी लगाई। उन्होंने कहा कि लड़की अपनी जायज मांगों को लेकर आई है। अगर तुम लोगों ने पहले ध्यान दिया होता तो बात न बिगड़ती। माया भी एसडीएम के समझाने पर संतुष्ट होकर घर चली गई।
खुद की समझ से काम किया : कोतवाल
युवती को अनशन स्थल से उठाने में आलोचना के केंद्रबिंदु बने कोतवाल मनोज कुमार कौशिक ने कहा कि उनको किसी उच्चाधिकारी ने माया देवी को अनशन स्थल से उठाने के लिए निर्देश नहीं दिए थे। उन्होंने इस मामले में अपने विवेक से काम लिया और जो समझ में आया किया।

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