विज्ञापन

पांच टंकियां बनीं, पर घरों में कनेक्शन एक भी नहीं

Chitrakoot Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद श्यामाचरण गुप्ता के ऊंचाडीह गांव का हाल
विज्ञापन
विज्ञापन
मानिकपुर (चित्रकूट)। गांव में जलनिगम की अस्थाई निर्माण इकाई ने पांच टंकियां और उन्हें भरने के लिए दो नलकूप तो बना दिए लेकिन गांव में आज तक लोगोें को पेयजल उपलब्ध नहीं हो सका। यह नजारा किसी सामान्य गांव का नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद श्यामाचरण गुप्ता के गांव ऊंचाडीह का है। बसपा सरकार में बनी पानी की टंकियां गांवों में सफेद हाथी साबित हो रही हैं। टंकियां बनाने में सरकार के तीन करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं। हैंडपंप ऐसे जो पहले आदमी को पसीना निकाल लेते हैं और फिर पानी निकालते हैं।
मानिकपुर ब्लाक के ऊंचाडीह गांव में 2009-10 के बीच बनी पानी की पांच टंकियां और दो नलकूप जल निगम के द्वारा बनाए गए। लेकिन इन टंकियों का ग्रामीणों को अभी तक कोई फायदा नहीं मिला।
ग्रामीण कहते हैं कि विभागीय अनियमितता का परिणाम है कि ज्यादातर योजनाएं सिरे से फ्लाप हैं। ग्रामीण इंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि इन टंकियों से गांव के किसी व्यक्ति को नल का कनेक्शन नहीं दिया गया है। जबकि उन लोगों ने कनेक्शन के लिए विभागीय अधिकारियों से कहा था लेकिन किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीण राजीव सिंह चौहान ने बताया कि कभी-कभी टंकी में पानी भरा जाता है और फिर उसे सड़कों पर गिरा दिया जाता है। कभी-कभार गांव के लोग एक या दो बाल्टी पानी इन टंकियाें से पाते हैं।
ग्रामीण बुद्धिमान सिंह ने बताया कि उसके गांव में यह पानी की टंकियां शोपीस बनी हुई हैं। इनको बने तीन साल बीतने को आए लेकिन गांव के कई मजरों में तो पाइप लाइनें भी नहीं पड़ी हैं। जिससे लोग इन योजनाओं का लाभ पाने से वंचित हैं। पेयजल में टंकियों के बारे में भाजपा के पूर्व सांसद प्रकाश नारायण टिकरिया ने बताया कि बसपा के जमाने में अधिकारियों से लेकर नेताओं ने जमकर धन का दुरुपयोग किया है। इनका जनकल्याण से कोई सरोकार नही रहा है। बदली सरकार से वह मामले की जांच की मांग करते हैं।
इस संबंध में जल निगम के अधिशासी अभियंता जेपी सिंह ने बताया कि इन टंकियों का निर्माणकार्य दो से तीन माह तक पूरा होगा। उन्होंने यह भी बताया कि जब तक यह प्रोजेक्ट जल संस्थान को हैंडओवर नहीं हो जाता तब तक किसी का निजी कनेक्शन नहीं दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि तब तक सड़क के किनारे स्टेक लगाकर उसमें पानी की सप्लाई की जाती है।
परियोजना अपना उद्देश्य पाने में असफल
चित्रकूट। ज्ञात हो कि जल निगम ने पाठा पेयजल के तहत बुंदेलखंड की पेयजल समस्याओं से निपटने के लिए यह टंकियां बनवाई थी लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से यह परियोजना अपने उद्देश्य को पाने में पूरी तरह से असफल साबित हो रही है। ऊंचाडीह में पानी की एक टंकी की देखभाल कर रहे छोटू आरख पुत्र रामप्रसाद ने बताया कि तीन साल से जल निगम के लिए काम करने के बाद भी उसे एक भी रुपए का कोई भुगतान नहीं मिला, अगर मिला तो सिर्फ आश्वासन। मजरा अमरपुर में जलनिगम से अधिकृत चौकीदार मुन्ना ने बताया कि वह विभाग का काम चार सालों से देखता है लेकिन उसे पिछले साल जून के माह में छ: माह की तनख्वाह मिली है बाकी अभी तक नहीं मिली है। उसने बताया कि विभागीय अधिकारी आते हें तो सिर्फ उससे रखवाली करने की बात कह कर चले जाते हैं। गांव में पानी चलाने या उससे कनेक्शन के लिए कोई बात नहीं कहते। उसने बताया कि वह टंकी में बिजली रहने पर कभी-कभी पानी भर देता है और सुबह को खोल देते हैं तब गांव के लोग सड़कों के किनारे लगे नलों से पानी भर लेते हैं।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Chitrakoot

पुलिस ने पकड़ा नकली अपर एसपी

पुलिस ने पकड़ा नकली अपर एसपी

12 दिसंबर 2018

विज्ञापन

अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर कसा तंज, सुनिए क्या कहा

अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वो सभी भगवानों की जाति बता दें तो हमारा काम आसान हो जाएगा। इसके आगे उत्तर प्रदेश में सरकार के काम की भी आलोचना की। सुनिए अखिलेश ने इसके आगे क्या कहा।

13 दिसंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree