किसानों की कर्जमाफी पर मिली जुली प्रतिक्रिया

Chitrakoot Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
चित्रकूट। प्रदेश सरकार की किसानों की कर्ज माफी की घोषणा की किसानों में मिली-जुली प्रतिक्रिया हुई। अधिकतर किसानों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने ऐसे बैंक के कर्ज माफ करने की घोषणा की है जिसमें ज्यादातर किसानों के कर्ज हैं ही नहीं। सरकार ने उनके साथ छलावा किया है। सरकार ने जिला सहकारी बैंकों से मिलने वाले खाद बीज के कर्ज व किसान क्रेडिट कार्डों से मिलने वाले कर्ज की माफी न होनेे से किसानों में आक्रोश भी है।
मऊ प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के किसानों ने योजना को किसानों के साथ छलावा बताया। देउरा के गिरजाशंकर शुक्ला ने सपा सरकार की चाल बताते हुए कहा कि इस योजना से सामान्य किसानों का लाभ नहीं होगा। उनका आरोप था कि सरकार ने घोषणा कुछ की और लागू करते समय प्राविधान कुछ और लगाए। कलचिहा के प्रेम नारायण ने सरकार ने किसानों के साथ जबर्दस्त धोखा किया है। ओवरी गांव के भागवत द्विवेदी ने कहा कि इस तरह की शर्तों में तो इटावा के किसान तो आ सकते हैं लेकिन चित्रकूट के किसान नहीं आएंगे। मऊ के बजरंग प्रसाद मिश्रा ने बताया कि यह घोषणा किसानों के साथ क्रूर मजाक है। कोटरा खांभा निवासी विनोद कुमार बरूआ ने कहा कि किसानों को सरकार से काफी उम्मीद थी इनको सरकार से काफी निराशा हुई है। उन्होंने सरकार से किसानों के सारे कर्जे की माफी करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि भूमि विकास बैकं केवल कृषि उपकरण उपलब्ध कराने वाली दुकानों से संबंधित किसानों को ही लोन देता है। इस पर बैंक प्रबंधक का कहना है कि उनका बैंक कृषि उपकरणों के लिए ही लोन देता है किसान सीधे भी ले सकते हैं लेकिन उन्हें उपकरण लेना पड़ता है।

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कर्जमाफी के निर्णय की सराहना की
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राजबहादुर सिंह यादव ने किसानों के कर्जमाफी के निर्णय पर प्रदेश सरकार की सराहना की है। पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में गौरीशंकर मिश्र, माता प्रसाद कुशवाहा, मो. गुलाब खां, ओमप्रकाश, आमिर फारुकी, अनिल शर्मा आदि ने इस फैसले को किसानों के बहुत काम का बताया है।









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फोटो 23 सीकेटी पी- 7- बैंक के सामने लगे इस बोर्ड पर लिखे किसानों के कर्ज नहीं माफ हो सके। वजह कि ये सब किसान एक लाख से पांच लाख तक के बकाएदार हैं।
-15 बजरंग प्रसाद, 16- गिरजाशंकर, 17- भागवत प्रसाद द्विवेदी, 18 - विनोद कुमार, 19- प्रेमनारायण पांडे।

किसानों की कर्जमाफी पर मिली जुली प्रतिक्रिया
किसान बोले- उनके पचास हजार के सभी कर्ज माफ हों
चित्रकूट। प्रदेश सरकार की किसानों की कर्ज माफी की घोषणा की किसानों में मिली-जुली प्रतिक्रिया हुई। अधिकतर किसानों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने ऐसे बैंक के कर्ज माफ करने की घोषणा की है जिसमें ज्यादातर किसानों के कर्ज हैं ही नहीं। सरकार ने उनके साथ छलावा किया है। सरकार ने जिला सहकारी बैंकों से मिलने वाले खाद बीज के कर्ज व किसान क्रेडिट कार्डों से मिलने वाले कर्ज की माफी न होनेे से किसानों में आक्रोश भी है।
जनपद में भूमि विकास बैंक की एक मात्र शाखा में कुल 2163 किसानों के कर्ज पचास हजार रुपए तक व इससे कम हैं। इन किसानों के कुल 3 करोड़ 75 लाख रुपए बाकी हैं। बैंक प्रबंधक महेश चंद्र ने बताया कि इनमें से लगभग 30 फीसदी किसानों ने तो अपनी पहली किश्त भी नहीं अदा की है। लगभग डेढ़ हजार किसानों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि शासनादेश मिलने के बाद ही सभी किसानों की सूची बनाकर पूरा डिटेल शासन को भेजा जाएगा। प्रबंधक ने बताया कि 2008 में केंद्र सरकार के द्वारा किसानों की कर्जमाफी के बाद किसान कर्ज अदायगी के लिए और लापरवाह हो चुके हैं। वैसे भी बुंदेलखंड में किसानों को कर्ज अदायगी के लिए इतना ज्यादा दबाव देने की मनाही के बाद इसके लिए भी दबाव नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने बताया कि उनका बैंक किसानों को मीडियम व लांग टर्म लोन ही देता है। इसके बदले किसान की जमीन के कागजात रखाए जाते हैं। कम से कम एक किसान की डेढ़ एकड़ यानी कम से कम लगभग 3500 एकड़ जमीने गिरवी रखी हैं। प्रबंधक ने किसानों के नाम व नंबर देने से इंकार कर दिया लेकिन बैंक के सामने कुछ बकायादारों के नाम एक बोर्ड पर लिखे थे लेकिन वे कर्ज माफी की सीमा से बाहर थे।
मऊ प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के किसानों ने योजना को किसानों के साथ छलावा बताया। देउरा के गिरजाशंकर शुक्ला ने सपा सरकार की चाल बताते हुए कहा कि इस योजना से सामान्य किसानों का लाभ नहीं होगा। उनका आरोप था कि सरकार ने घोषणा कुछ की और लागू करते समय प्राविधान कुछ और लगाए।

कलचिहा के प्रेम नारायण ने सरकार ने किसानों के साथ जबर्दस्त धोखा किया है। यह भ्रष्टाचारी नेताओं और नौकरशाहों की खानापूर्ति भर है। ओवरी गांव के भागवत द्विवेदी ने कहा कि इस तरह की शर्तों में तो इटावा के किसान तो आ सकते हैं लेकिन चित्रकूट के किसान नहीं। मऊ के बजरंग प्रसाद मिश्रा ने बताया कि यह घोषणा किसानों के साथ क्रूर मजाक है। कोटरा खांभा निवासी विनोद कुमार बरूआ ने कहा कि किसानों को सरकार से काफी उम्मीद थी इनको सरकार से काफी निराशा हुई है। सरकार से किसानों के सारे कर्जे की माफी करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि भूमि विकास बैंक केवल कृषि उपकरण उपलब्ध कराने वाली दुकानों से संबंधित किसानों को ही लोन देता है। इस पर बैंक प्रबंधक का कहना है कि उनका बैंक कृषि उपकरणों के लिए ही लोन देता है किसान सीधे भी ले सकते हैं लेकिन उन्हें उपकरण लेना पड़ता है।
इनसेट
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राजबहादुर सिंह यादव ने किसानों के कर्जमाफी के निर्णय पर प्रदेश सरकार की सराहना की है। पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में गौरीशंकर मिश्र, माता प्रसाद कुशवाहा, मो. गुलाब खां, ओमप्रकाश, आमिर फारुकी, अनिल शर्मा आदि ने इस फैसले को किसानों के बहुत काम का बताया है।

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