... तो क्या सांसद के खिलाफ साथ आ गए श्यामा और बालकुमार?

Chitrakoot Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
चित्रकूट। सांसद आरके सिंह पटेल के खिलाफ क्या बाकी दोनों पक्षों ने लाबीइंग कर ली है। राजनीतिक हल्कों में यह सवाल इस समय करोड़ों का है। बाकी दोनों पक्ष यानी श्यामाचरण गुप्ता और बालकुमार पटेल। वजह यह कि सांसद को सपा से टिकट मिलने के बाद और फिर कटने के बाद बालकुमार या उनके भतीजे सदर विधायक वीर सिंह कुछ कहने को तैयार नहीं। श्यामाचरण तो खैर चुप हैं ही।
शुरुआत से बात करते हैं। बात आज से लगभग छह महीने पहले की है। पार्टी कार्यालय में प्रेसवार्ता बुलाकर बाकायदा श्यामाचरण गुप्ता ने बांदा चित्रकूट सीट से अपनी उम्मीदवारी घोषित की थी। इसके बाद का घटनाक्रम देखें। चित्रकूट में धुस के मैदान में विस कार्यकर्ता सम्मेलन था। मंच पर सपा के वर्तमान सांसद थे तो पूर्व सांसद भी। यानी आरके और श्यामाचरण दोनों मौजूद थे। तब कहीं चुनाव की सुगबुगाहट भी नहीं थी। मंच से श्यामाचरण ने अपने पुत्र विदुप अग्रहरि को उत्तराधिकारी घोषित किया तो सांसद आरके ने हुंकारा- राजनीति में कोई किसी का उत्तराधिकारी नहीं होता। मंच पर काफी गहमागहमी हुई थी। इसके बाद मऊ में कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ तो वहां सदर विधायक वीर सिंह ने श्यामा चाचा के गुण गाए। साफ साफ कहा-जब मैं चुनाव लड़ रहा था, श्यामा चाचा ने चकरेही चौराहे पर मेरे लिए सभा की, जो कई लोगों को नागवार गुजरी। वीर सिंह ने विदुप का पक्ष लिया और कहा तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं। हालांकि तब वहां सपा सांसद नहीं थे, उनके पुत्र सुनील पटेल जरूर मौजूद थे। उस दौरान विस क्षेत्र अध्यक्ष शंकर दयाल यादव ने तो माइक से श्यामाचरण के पक्ष में काफी बयानबाजी शुरू कर दी थी और तब पार्टी के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता शक्ति सिंह तोमर ने माइक छीन लिया था। इनमें टिकट के लिए अंदरूनी खींचतान चलती रही कि पहली सूची जारी हो गई। इसमें सपा सांसद आरके सिंह पटेल का नाम था जिस दिन यह सूची जारी हुई, उसी दिन अतर्रा में मिर्जापुर सांसद बालकुमार पटेल, सदर विधायक वीर सिंह पटेल, पूर्व सांसद श्यामाचरण गुप्ता, बबेरू विधायक विशंभर यादव, बांदा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, चित्रकूट जिलाध्यक्ष राजबहादुर सिंह यादव एक साथ किसी सोसाइटी के कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। कार्यक्रम के बाद श्यामाचरण कर्वी आए थे और यहां उन्होंने अपने समर्थकों से गुफ्तगू की थी। ... और फिर दूसरी सूची जारी हुई तो इसमें उनका नाम था। यहां यह भी बताना जरूरी है कि इस दौरान वीर सिंह ने भी लखनऊ की दौड़ लगा दी थी। तो माना यह जा रहा है कि पहले खुद की भी दावेदारी बताने वाले मिर्जापुर सांसद ने खुद को विद्ड्रा कर लिया है। या कहीं यह न हो कि न तुम न वो कोई तीसरा...यानी...।

इनसेट -------------------
कहीं खुशी कहीं गम
श्यामाचरण को टिकट मिलने पर अलग-अलग तरह का माहौल है। सपा छात्रसभा जिलाध्यक्ष मनोज यादव, जिलाध्यक्ष लोहियावाहिनी अरशद खान, कैलाश यादव, संतोष पटेल, सारदा अग्रहरि आदि ने पार्टी कार्यालय में आतिशबाजी की। मिठाइयां खाईं-खिलाईं। उधर, सपा सांसद के बेहद करीबी माने जाने वाले पूर्व जिला महासचिव शक्तिप्रताप सिंह तोमर ने तो मुलायम सिंह यादव, प्रो. रामगोपाल यादव, अखिलेश यादव को बाकायदा पत्र भेजकर इस निर्णय पर आपत्ति व्यक्त की है। उन्होंने लिखा है- ...नेताजी, माफ करना 16वीं लोकसभा का चुनाव बांदा-चित्रकूट से घोषित प्रत्याशी कभी नहीं जीतेगा, आपका यह निर्णय पार्टी हित में नहीं है, जिन्दा कौमें पांच साल इंतजार नहीं करतीं, हमें 2014 के लोकसभा चुनाव में अपना संसद सदस्य चाहिए, वह भी समाजवादी पार्टी का, क्योंकि आपको देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं...।


Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी पुलिस भर्ती को लेकर युवाओं में जोश, पहले ही दिन रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन

यूपी पुलिस में 22 जनवरी से शुरू हुआ फॉर्म भरने का सिलसिला पहले दिन रिकॉर्ड नंबरों तक पहुंच गया।

23 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में कोहरे का कहर जारी, ट्रक और कार की टक्कर में तीन की मौत

कन्नौज के तालग्राम में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर कोहरे के चलते एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कोहरे की वजह से पीछे से आ रही कार के चालक को सड़क पर खड़ा ट्रक  नजर नहीं आया और उनमें कार जा टकराई। हादसे में तीन की मौत हो गई।

10 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper