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63 फीसदी लोग मोतियाबिंद के शिकार

Chitrakoot Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
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चित्रकूट। एमके इंटरनेशनल आई बैंक के डायरेक्टर संपत कुमार झाबर ने कहा कि अंधे लोगों में दो तिहाई संख्या महिलाओं और बच्चों की है। लड़कियों की संख्या लड़कों की अपेक्षा अधिक है। 63 फीसदी लोग मोतियाबिंद से अंधत्व का शिकार होते हैं। झाबर गुरुवार को विश्व दृष्टि दिवस पर सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने बताया कि इलाज से अस्सी फीसदी अंधत्व को रोका जा सकता है। अंधत्व का सबसे बड़ा कारण मोतियाबिंद है। लगभग 63 फीसदी लोग मोतियाबिंद के शिकार हैं। डा. बीके जैन ने कहा कि 90 फीसदी अंधेपन के मरीज गरीब देश में निवास करते हैं। विश्व में 80 करोड़ लोग दृष्टिदोष से प्रभावित हैं, जिसे साधारण चश्मे से ठीक किया जा सकता है। विश्व में हर पांच सेकेंड में एक व्यक्ति अंधा होता है। हर मिनट में एक बच्चा अंधा होता है। अनुमान है कि लगभग सात लाख लोग हर साल अंधे हो जाते हैं। खसरा एवं विटामिन ए की कमी की रोकथाम करके बच्चों में अंधत्व का प्रतिशत कम किया जा सकता है।

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