विज्ञापन
विज्ञापन

अब आरपीएफ एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज करेगी मुकदमा

Varanasi Bureauवाराणसी ब्यूरो Updated Fri, 19 Apr 2019 12:42 AM IST
ख़बर सुनें

विज्ञापन
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। ट्रेनों में मादक पदार्थों की तस्करी और इसके सेवन पर रोक लगाने में आरपीएफ सशक्त भूमिका निभाएगी। इसके लिए रेलवे सुरक्षा बल को जांच के विशेष अधिकार मिल गए हैं। 11 अप्रैल को वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) ने अधिसूचना जारी की है। इस अधिकार के बाद आरपीएफ शक होने पर जांच कर नशीले पदार्थों को बरामद कर सकती है। अब तक मादक पदार्थों की जांच और बरामदगी की जिम्मेदारी सिर्फ जीआरपी के पास थी।
ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा और जांच की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार मिलकर लेती है। ट्रेनों में होने वाले आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए राज्य पुलिस ने अपनी विशेष शाखा राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) का गठन की है। ट्रेनों में लूट पाट, मारपीट, हत्या, तस्करी आदि की जांच जीआरपी करती रही है। वहीं रेलवे संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे की अपनी सशस्त्र बल रेलवे सुरक्षा बल(आरपीएफ) उठाती रही है। बेटिकट यात्रियों की धड़कपड़ के साथ रेल संपत्ति की चोरी आदि की रोक की जिम्मेदारी आरपीएफ उठाती रही है। ट्रेनों में आपराधिक घटनाएं होने पर आरपीएफ हस्तक्षेप करती थी लेकिन मामला जीआरपी को दे देती है। लंबे समय से आरपीएफ को अधिक अधिकार देने की मांग की जाती रही है। इसके तहत ही अब वित्त मंत्रालय ने द नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 की धारा 42, द नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 की धारा 67 के तहत कार्रवाई का अधिकार आरपीएफ को दी है। इसके तहत आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक से ऊपर के अधिकारी जांच कर सकते हैं और मादक पदार्थ बरामद होने पर तस्कर, विक्रेता को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज करेंगे और जांच करेंगे। इस संबंध में वरीय मंडल सुरक्षा अधिकारी आशीष मिश्र ने बताया कि इससे ट्रेनों से मादक पदार्थों की तस्करी पर बहुत हद तक रोक लग सकेगी।

पीडीडीयू नगर। हावड़ा दिल्ली रूट मादक पदार्थों की तस्करी के लिए बदनाम रहा है। गांजा, भांग के साथ हेरोइन, चरस, अफीम के साथ सोना चांदी, असलहे और कछुओं की खूब तस्करी होती रही है। यदि पांच वर्ष में देखे तो स्थानीय रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने पचास किलो से अधिक अफीम सहित अन्य मादक पदार्थ बरामद कर चुकी है। आए दिन जहरखुरान गिरोह के सदस्यों को पकड़ कर दो से तीन सौ ग्राम डायजापाम आदि बरामद करती रही है। तीन वर्ष पहले पश्चिम बंगाल के मालदा में अफीम की खेती को सीमा सुरक्षा बल ने नष्ट किया। इसके बाद कुछ हद तक रोक लगी। हालांकि गांजा सहित अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी हो रही है।

Recommended

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए
Lovely Professional University

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए

लाख प्रयास के बावजूद  नहीं मिल रही नौकरी? कराएं शनि-केतु शांति पूजा- 29 जून 2019
Astrology

लाख प्रयास के बावजूद नहीं मिल रही नौकरी? कराएं शनि-केतु शांति पूजा- 29 जून 2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
सबसे विश्वशनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Chandauli

प्रधानाचायों की बैठक में अच्छे पठन पाठन पर दिया बल

प्रधानाचायों की बैठक में अच्छे पठन पाठन पर दिया बल

26 जून 2019

विज्ञापन

पीएम मोदी ने गालिब के जिक्र के साथ सुनाया जो शेर वो गालिब का है ही नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब दिया। राज्यसभा में पीएम मोदी का शायराना अंदाज देखने को मिला।

26 जून 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
सबसे तेज अनुभव के लिए
अमर उजाला लाइट ऐप चुनें
Add to Home Screen
Election