आपका शहर Close

मशीनीकरण से खेती का पैटर्न बदला

Chandauli

Updated Tue, 04 Dec 2012 05:30 AM IST
चकिया। दशकों पूर्व हरित क्रांति के आरंभ में खेती में ट्रैक्टर का उपयोग होने से आई नई क्रांति ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और कृषि के मशीनीकरण से अब खेती का पूरा पैटर्न ही बदल गया है। कृषि में मशीनों की आमद से मजदूरों की जरूरत कम हुई है और समय भी बचने लगा है। हार्वेस्टर, रोटाबेटर, जीरोट्रिल मशीनों ने कृषि के पैटर्न में बदलाव किया है और खेतों में तकनीकी क्रांति लाने का भी काम किया है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि आधुनिक खेती मशीनों के बिना संभव नहीं है। इससे किसानों को फायदा हो रहा है तथा मशीनों पर दिए जा रहे सरकारी अनुदान से इनकी संख्या तेजी से बढ़ रही है।
हरित क्रांति के दौर में जहां कृषि में रासायनिक, उर्वरकों के प्रयोग के साथ ही जल संसाधनों के समेकित प्रबंधन,कीटनाशकों और रोगनाशकों का नया सिस्टम खेती को उन्नत बनाने में सहायक सिद्ध हुआ। वहीं इसके दुष्परिणाम भी सामने आए, लेकिन हरितक्रांति के दौर की सबसे बडी कामयाबी कृषि के मशीनीकरण की थी, जिसे महंगाई का हवाला देकर पीछे कर दिया गया। कृषि कार्यों में लगे कृषि मजदूरों की साल दर साल बढ़ती मजदूरी और हल बैल से खेती में लगने वाला समय उत्पादन के साथ ही कृषि के परिवेश को लगातार प्रभावित कर रहा था, इसलिए कृषि के मशीनीकरण की परियोजना प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक डा. स्वामीनाथन ने आरंभ की जिसके परिणाम आज दिखने लगे हैं। धान तथा गेहूं के खेतों की कटाई के लिए हार्वेस्टर एवं बुआई के लिए रोटाबेटर तथा जीरोट्रिल मशीनों का इजाद किया गया। धान की कटाई में मजदूरों को धान काटकर खेत में लेहनी रखकर सुखाने और उसे खलिहान में लाकर मड़ाई करने की जहमत से हार्वेस्टर ने छुटकारा दिला दिया है। हार्वेस्टर सीधे खेत से धान को खलिहान तक पहुंचा दे रहा है, जिससे मजदूरों की जरूरत कम हो गई है तथा समय भी बच रहा है। वहीं धान की कटाई के बाद रोटाबेटर और जीरोट्रिल मशीनों से बुआई का दौर आरंभ होने से गेहूं की खेती में समय तथा मजदूरी की बचत हो रही है। इसके अतिरिक्त सिंचाई संसाधनों का भी आधुनिकीकरण मशीनों ने कर दिया है, जिससे कृषि का पैटर्न ही बदल गया है।
Comments

स्पॉटलाइट

सर्दियों में ट्रेडिंग है ओवरकोट, हर ड्रेस के साथ इन सेलिब्रिटीज की तरह कर सकते हैं मैच

  • सोमवार, 11 दिसंबर 2017
  • +

ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए सिस्टम ऑफिसर बनने का मौका, ऐसे करें अप्लाई

  • सोमवार, 11 दिसंबर 2017
  • +

रोज रात में लकड़बग्घे को दावत पर बुलाता है ये शख्स, फिर करता है ऐसा काम

  • सोमवार, 11 दिसंबर 2017
  • +

B'Day Spl: दिलीप कुमार की हरकत से परेशान होकर सेट से भागी थी ये हीरोइन, उम्र भर रहा पछतावा

  • सोमवार, 11 दिसंबर 2017
  • +

प्रोड्यूसर ने नहीं मानी बात तो आमिर खान ने छोड़ दी फिल्म, अब ये एक्टर करेगा 'सैल्यूट'

  • रविवार, 10 दिसंबर 2017
  • +

Most Read

जब 'गोलगप्पा बना काल', तड़प-तड़पकर टूट गईं नरेश की सांसें

Death by eating Panipuri
  • गुरुवार, 7 दिसंबर 2017
  • +

UPPSC: 2018 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर तैयार, जल्द आएंगे भर्ती परीक्षाओं के परिणाम

uppsc will release the examination calendar for 2018 very soon
  • सोमवार, 11 दिसंबर 2017
  • +

CM योगी की तस्वीर से सांकेतिक विवाह करने वाली महिला पर देशद्रोह का केस, 14 दिन जेल

woman who did marriage with yogi adityanath pic sent to jail.
  • रविवार, 10 दिसंबर 2017
  • +

स्कूल में चढ़ा भगवा रंग देख भड़कीं डीएम शीतल वर्मा, तुरंत पुतवाया सफेद

district magistrate scold principal on panting school with Saffron color
  • रविवार, 10 दिसंबर 2017
  • +

मोदी के सवाल पूछने पर भड़के तेजस्वी, जमकर निकाली भड़ास

Tejashwi yadav attacked sushil modi on twitter
  • रविवार, 10 दिसंबर 2017
  • +

जम्मू-कश्मीर में फिर आया भूकंप, रिक्टर स्केल पर तीव्रता रही 4.5 

Earthquake of magnitude 4.5 occurred in Jammu & Kashmir at 04:28 am
  • सोमवार, 11 दिसंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!