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तीन साल से अधर में 70 करोड़ के पंप कैनाल

Varanasi Bureauवाराणसी ब्यूरो Updated Sun, 16 Jun 2019 12:44 AM IST
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केंद्र हो या प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने से लेकर उनकी उपज का उचित मुआवजा देने, सिंचाई के बेहतर संसाधन मुहैया कराने और फसल बीमा, किसान ऋण जैसी तमाम योजनाएं चला रही हैं मगर स्थानीय स्तर पर हालात कुछ और हैं। सिंचाई विभाग की लापरवाही से जिले के कंदवा क्षेत्र में कर्मनाशा नदी पर बनने वाले अदसड़ और चारी पंप कैनाल तीन साल बाद भी अधर में हैं। अब तक दोनों पंप कैनालों को चालू नहीं किया जा सका। जिससे क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए दिक्कत हो रही है।
अमर उजाला ब्यूरो
पीडीडीयू नगर। कंदवा क्षेत्र में किसानों की सिंचाई की समस्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने अदसड़ और चारी में कर्मनाशा नदी पर दो पंप कैनालों की स्वीकृति के साथ धन जारी किया और निर्माण कार्य शुरू हो गया। तब क्षेत्र के किसानों को लगा कि लंबे समय से धान और गेहूं की सिंचाई के लिए पानी की समस्या का दूर होगी और पानी के लिए हायतौबा नहीं मचानी पड़ेेगी। मगर सिंचाई विभाग की लापरवाही से 70 करोड़ से अधिक की लागत से बनकर लगभग तैयार दोनों पंप कैनाल अब तक चालू नहीं हो सके।
सिंचाई की समस्या को देखते हुए सपा सरकार में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद से प्रदेश सरकार ने नाबार्ड के सहयोग से 50-50 क्यूसेक की क्षमता वाले दोनों पंप कैनालों के लिए 70 करोड़ स्वीकृत किए। सिंचाई विभाग (लघु डाल) मार्च 2016 में काम भी शुरू हो गया और मार्च 2018 में निर्माण कार्य पूरा कर उसे चालू कर देना था। पंप कैनाल का निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया गया। लेकिन नहर तक न तो अब तक पाइप बिछाई गई और न ही कैनाल के मुख्य पाइप से जोड़ा गया। पंप कैनाल चालू होने से क्षेत्र में करीब पांच हजार हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होने लगेगी। लेकिन सिंचाई विभाग ने निर्माण कार्य तो समय पर शुरू कराया मगर चालू अब तक नहीं कर सके। जिससे इलाके के किसानों में नाराजगी भी है।
चारी पंप कैनाल के लिए 32.77 करोड़ 39 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे। जबकि अदसड़ पंप कैनाल के लिए 37.35 करोड़, 80 हजार की धनराशि जारी की गई थी। इसमें प्रदेश सरकार ने नाबार्ड से लोन भी लिया था। लगभग धनराशि भी खर्च हो चुकी है मगर पंप कैनाल चालू नहीं हुआ। अब सिंचाई विभाग का कहना है कि कर्मनाशा नदी में पानी नहीं होने के कारण उसे चालू नहीं किया जा सका है। जल्द ही कैनाल को चालू करा दिया जाएगा। लेकिन सवाल है कि अभी जब नहर तक पाइप ही पूरी नहीं बिछाई गई है और न तो पंप कैनाल से पाइप को जोड़ा जा सका है तो ऐसे में खरीफ के सीजन में भी किसानों को पानी के लिए बारिश के भरोसे ही रहना पड़ेगा।
इनसेट
पंप कैनालों से होगी 5000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई
कर्मनाशा नदी पर 50-50 क्यूसेक क्षमता के बने दोनों पंप कैनालों के चालू होने से क्षेत्र के लगभग पांच हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होनी है। इससे लंबे अरसे से सिंचाई के संकट से जूझ रहे किसानों को धान और गेहूं की फसल के लिए पानी के लिए हैरान नहीं होना पड़ेगा।
कोट..
पंप कैनाल बनकर तैयार है। पाइप जोड़ने का कार्य बाकी रह गया है। इस बारिश में पाइप को जोड़कर पंप कैनाल चालू कर दिया जाएगा। जिससे कि सिंचाई का कार्य शुरू हो सके।
संजीव कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग (लघु डाल)
रिपोर्ट-संपादन- जयनारायण

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