नहीं थम रहा प्रदूषण, एक्यूआई 361 पर पहुंचा

Ghaziabad Bureauगाजियाबाद ब्यूरो Updated Thu, 29 Oct 2020 11:28 PM IST
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स्याना रोड पर कूड़े में लगी आग।
स्याना रोड पर कूड़े में लगी आग। - फोटो : BULANDSHAHR

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नहीं थम रहा प्रदूषण, एक्यूआई 361 पर पहुंचा
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बुलंदशहर। धूल और धुंए पर काबू पाने में अफसर नाकाम साबित हो रहे हैं, जिससे जिले का एक्यूआई लगातार बढ़ता जा रहा है। अफसरों की लापरवाही के चलते प्रतिदिन कूड़ा और पराली जलाई जा रही है। इसके सर्वाधिक मामले बुलंदशहर-स्याना मार्ग पर देखने को मिल रहे हैं, जहां रात के अंधेरे में आग लगा दी जाती है और सुबह तक धुंआ उठता रहता है। वहीं, बृहस्पतिवार को जिले का एक्यूआई 361 मापा गया।
एक तरफ गिरता तापमान, उस पर प्रतिदिन कूड़ा-पराली और अवैध कारखानों के संचालन ने जिले में वायु प्रदूषण के स्तर को बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। बुधवार रात को बुलंदशहर-स्याना मार्ग पर रामा डेरी के निकट, गांव इमलिया, मानकपुर, इस्माइला, पाली वेगपुर, कुदैना समेत आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर कूड़ा और पराली आदि को आग के हवाले कर दिया गया। जिससे उठने वाला धुंआ सुबह तक प्रदूषण में इजाफा करता रहा। वहीं, दिनों-दिन प्रदूषित होती हवा अब सांसों में जहर घोलने लगी है। जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। वहीं, गत दो वर्ष पूर्व शुरू हुई सीवर की खोदाई का काम अब तक जारी है। हाल यह है कि धूल के गुबार से भी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। दिवाली से पूर्व ही जिले का वायु प्रदूषण बढ़ने से रोकने के लिए प्रमुख सचिव पर्यावरण सुधीर गर्ग द्वारा मंगलवार को राज्य स्तरीय एयर क्वालिटी मॉलिटरिंग कमेटी की बैठक आयोजित की। जिसमें जिले के खुर्जा को संवेदनशील जनपदों में शामिल होने की जानकारी देने हुए वायु प्रदूषण को नियंत्रण में रखने के लिए क्षेत्र में पानी का नियमित छिड़काव, वाहनों की नियमित जांच, कूड़ा जलाने की घटनाओं पर नियंत्रण की व्यवस्था, पीटीजेड कैमरे की स्थापना और औद्योगिक इकाइयों के औचक निरीक्षण करने व हरित पट्टिका के विकास के निर्देश दिए। साथ ही शहरों में चिह्नित हॉट स्पॉट में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। लेकिन कूड़ा और पराली जलाने के मामलों में संबंधित पर कार्रवाई की जगह अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। जिन्हें रात के अंधेरे में जलने वाली आग और सुबह उठने वाला धुंआ नजर नहीं आ रहा है।
400 के करीब पहुंचा एक्यूआई
अभी तक प्रदेश में बुलंदशहर का एक्यूआई सर्वाधिक मापा जा रहा था। लेकिन बृहस्पतिवार को जिले का एक्यूआई 361 मापा गया, मगर पड़ोसी जिलों से कम रहने पर अफसरों ने राहत की सांस ली। वैज्ञानिकों की मानें तो मौसम में बदलाव और स्थिर हुई हवा ने प्रदेश को वायु प्रदूषण और स्मॉग/धुंध की चपेट में ला दिया है। हवा के स्थिर होने (एयर लॉक) से प्रदूषण बढ़ाने वाले धूल व हानिकारक गैसों के कण छंट नहीं पा रहे हैं। इससे हानिकारक कण हवा में बने हुए हैं। प्रदूषण विभाग के जेई संतोष कुमार ने बताया कि वायु प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए समस्त निकाय को पानी का नियमित छिड़काव करने के साथ झाडू लगाने के निर्देश दिए हैं।
कूड़ा जलाने पर पालिका को और पराली जलाने पर कृषि विभाग को कार्रवाई का अधिकार है। यदि कोई कारखाना वायु प्रदूषण कर रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जिले का वायु प्रदूषण न बढ़े इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। लोगों से अपील है कि वायु प्रदूषण को बढ़ने से रोकने में विभाग का सहयोग करें।
- आशुतोष चौहान, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी
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