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अब आयुष्मान लाभार्थियों के उपचार में नहीं होगा फर्जीवाड़ा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 03 Dec 2019 11:39 PM IST
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अब आयुष्मान मरीजों के उपचार में फर्जीवाड़ा नहीं किया जा सकेगा। उपचार कराने के बाद केंद्र सरकार की टीम द्वारा मरीजों से फीडबैक लेना शुरू कर दिया हैं। जिसमें टीम द्वारा उपचार करा चुके मरीजों से सुविधाओं की जानकारी ली जा रही हैं। वहीं, उपचार के दौरान अस्पताल स्टाफ द्वारा कोई शिकायत की जानकारी देने पर सांची को अवगत कराया जाएगा।
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प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान योजना के तहत जिले में पांच निजी और 17 सरकारी चिकित्सालय संबंद्ध हैं। जिनमें मरीजों का उपचार किया जा रहा हैं। कुछ लाभार्थी द्वारा पात्र होने के बाद भी संबंधित अस्पतालों द्वारा उपचार न करने के संबंध में शिकायतें की जा चुकी हैं। वहीं, उपचार के दौरान लाभार्थियों ने सुविधाओं के नाम पर रुपये वसूलने की शिकायत की। जिसकी विभागीय अफसरों द्वारा जांच भी कराई गई। वहीं, एक अस्पताल की शिकायत गंभीर होने पर सांची द्वारा पांच महीने तक सुविधा देने के नाम पर रोक लगा दी गई।


बाद में अस्पताल प्रबंधक द्वारा लापरवाही मानने पर सांची द्वारा पुन: सुविधा का लाभ देने की अनुमति दी गई। वहीं, अभी भी लाभार्थियों के उपचार में सरकारी से लेकर निजी अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। जो अब उनकी परेशानियों का कारण बन सकती हैं। जानकारी के अनुसार पात्र लाभार्थी या उसके परिवार के किसी सदस्य द्वारा उपचार कराने व डिस्चार्ज होने के बाद केंद्र सरकार की टीम द्वारा फीडबैक लिया जाना शुरू कर दिया गया हैं। जिसमें उपचार के दौरान किसी प्रकार की परेशानियों को लेकर भी पूछताछ की जा रही हैं। इस दौरान कोई पात्र शिकायत करता हैं तो उसकी जांच कराने के साथ अब सख्त कार्रवाई की जाने की संभावना हैं।

3500 से अधिक लाभार्थी करवा चुके उपचार
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में जिले के 1,97,530 लाभार्थी परिवार शामिल हैं। योजना में शामिल लाभार्थी परिवार के प्रत्येक सदस्यों का प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क किया जाना हैं। अभी तक योजना के तहत जिले के 3500 से अधिक लाभार्थी अपना उपचार करा चुके हैं। इस दौरान गंभीर बीमारियों समेत घुटने का प्रत्यारोपण तक का निजी अस्पतालों में उपचार किया गया।

आयुष्मान लाभार्थी के उपचार के बाद फीडबैक लेना शुरू हो गया हैं। मरीजों से क्या पूछताछ की जा रही है इसकी जानकारी नहीं हैं। केंद्र द्वारा जो भी निर्देश होंगे उनका नियमानुसार पालन कराया जाएगा।
- डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, नोडल अधिकारी/ एसीएमओ

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