पूर्व पालिकाध्यक्ष के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज

Bulandshahr Updated Thu, 21 Nov 2013 05:44 AM IST
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अनूपशहर। शासन के निर्देश पर नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने 40 एकड़ ग्रामसभा की भूमि का पट्टा जयप्रकाश सेवा संस्थान नई दिल्ली के पक्ष में इंजीनियरिंग कालेज की स्थापना के लिए कर करीब 24 करोड़ 27 लाख 80 हजार की वास्तविक क्षति पहुंचाई। शासन के निर्देश पर एसडीएम और अधिशासी अधिकारी पालिका परिषद इंद्रेश कुमार ने धारा 420 के तहत कोतवाली में केस दर्ज कराया है।
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जेपी ग्रुप के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ की शिक्षा अनूपशहर होने के कारण उनका लगाव यहां से है। उन्होंने यहां इंजीनियरिंग कालेज बनाना चाहा। तत्कालीन पालिका अध्यक्ष अनिल जैन और आशा गोयल के कार्यकाल में भी नगर पालिका में निहित इस जमीन को जयप्रकाश सेवा संस्थान को किराये पर देने के प्रस्ताव पारित हुए थे, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। डा. सुधीर अग्रवाल के चेयरमैन बनने पर इंजीनियरिंग कालेज के लिए जमीन देने का प्रस्ताव दोबारा रखा गया। पालिका और शासन से पत्राचार किया गया। उसके बाद शासन ने जमीन देने के लिए पालिका को निर्देशित किया। तत्कालीन प्रमुख सचिव आलोक रंजन ने 29 मई 2009 को एक शासनादेश भी जारी किया था। डा. सुधीर अग्रवाल ने 12 जून 2009 को डीजीसी सिविल बुलंदशहर से भी इस बारे में विधिक राय मांगी। उन्होंने 15 जून 2009 को शासनादेश और पत्रावली के आधार पर पट्टे पर जमीन दिया जाना उचित बताया। इसके बाद जयप्रकाश सेवा संस्थान के पक्ष में 40 एकड़ जमीन 40 हजार रुपये सालाना किराये पर दे दी गई। शर्त रखी कि हर 5 साल बाद किराए में 10 प्रतिशत बढ़ोत्तरी होगी। क्षेत्र के बच्चों को प्रवेश में वरीयता की शर्त जोड़ी गई। रजिस्ट्रीकृत किराएनामे पर नपा बोर्ड ने सहमति दी। पालिका की यह भूमि गैर उपजाऊ थी।
कोट्स
डीएम जीएस प्रियदर्शी और एसडीएम इंद्रेश कुमार का कहना है कि शासन के आदेश पर पूर्व चेयरमैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आगे की कार्रवाई थाने के विवेचना के आधार पर की जाएगी। सवा 24 करोड़ की क्षति किस प्रकार दिखाई गई है, वह स्थिति हमें भी स्पष्ट नहीं है।
जेपी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज गौड़ का कहना है कि जय प्रकाश सेवा संस्थान द्वारा इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना के लिए जमीन ली गई थी। संस्थान की ओर से सभी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं। जमीन को लेकर पालिका के पूर्व चेयरमैन के खिलाफ मामला दर्ज करने के मामले में कहा कि इसके बारे में वह कुछ नहीं कह सकते।

क्या बोले पूर्व पालिकाध्यक्ष
पूर्व चेयरमैन डा. सुधीर अग्रवाल का कहना है कि पालिका ने जमीन बेची नहीं है, किराये पर दी है। वह भी तत्कालीन प्रमुख सचिव आलोक रंजन के 29 मई 2009 के अग्रिम कार्रवाई करने और डीजीसी की राय पक्ष में आने के बाद। रजिस्ट्रीकृत पट्टा 90 साल के लिए पालिका बोर्ड के अनुमोदन पर किया गया। उन्होंने बताया कि मेरे कार्यकाल से पहले जयप्रकाश सेवा संस्थान को इंजीनियरिंग कालेज के लिए जमीन देने का प्रस्ताव अनिल जैन के बोर्ड में निशुल्क देेने और आशा गोयल के कार्यकाल में 5100 रुपये सालाना किराए पर देने के प्रस्ताव पास किए गए। डा. सुधीर अग्रवाल का कहना है कि कोई भी तथ्य अधिकारियों और शासन से नहीं छिपाया गया।
पूर्व पालिकाध्यक्ष सुधीर अग्रवाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। - विजय गौतम, एसपी देहात
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