बंदूकों से फैसला, सहमा फैसलाबाद

Bulandshahr Updated Tue, 04 Dec 2012 05:30 AM IST
बुलंदशहर। सुबह 11 बजते ही ताबड़तोड़ गोलियों से फैसलाबाद मोहल्ला गूंज उठा। आठ मिनट तक रुक-रुककर दोनों पक्ष एक दूसरे पर गोली चलाते रहे। फायरिंग से सहमे लोग भागकर घरों में दुबक गए। कुछ देर के लिए पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। पुलिस के पहुंचने के बाद लोग बाहर निकले और जमावड़ा लग गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तीन दुकानों के विवाद में सोमवार को फैसलाबाद में मुबीन सैफी और राशिद गाजी के पक्ष में फायरिंग शुरू हो गई। दोनों पक्ष लाइसेंसी के अलावा अवैध हथियार से भी लैस थे। मुबीन पक्ष अपने घर की छत से फायरिंग कर रहा था और राशिद गाजी पक्ष नीचे से गोलियां चला रहा था। दीवारों की ओट लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गोली चला रहे थे। गोलियों की आवाज सुनकर इलाके में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए दौड़ पड़े। कुछ देर बाद खूनी संघर्ष में पांच लोग लहूलुहान हो गए और इलाके में सन्नाटा पसर गया। लोगों में इतनी घबराहट थी कि पुलिस के पहुंचने पर वह तो घरों से बाहर निकल आए, लेकिन उन्होंने बच्चों और महिलाओं को घर से नहीं निकलने दिया।

पंचायत में पक्ष लेने पर की हत्या
कोतवाली प्रभारी जितेंद्र कालरा ने बताया कि मृतक राशिद के बड़े भाई मोे. असलम ने मुबीन, उसके भाई शमीम और पुत्र मुसफ्फिर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। असलम ने कहा है कि मुबीन और ताहिर में दुकानों को लेकर विवाद चल रहा था। कुछ दिन पहले विवाद को लेकर पंचायत हुई थी। पंचायत में राशिद, आकिल और इदरीस ने ताहिर का पक्ष लिया था। इससे मुबीन, शमीम और मुसफ्फिर रंजिश मानने लगे थे। सोमवार को राशिद, आकिल और इदरीस गली से निकल कर जा रहे थे, तभी तीनों आरोपियों ने अपने घर की छत से फायरिंग कर दी।

भाइयों के विवाद में बाहरी घुसे तो बवाल
बुलंदशहर। काली नदी मार्ग पर मुबीन के भाई ताहिर का तीन दुकानों पर कब्जा है। उक्त दुकानों पर मुबीन और उसके परिजन पच्चीस फीसदी हिस्सा होने का दावा करते रहे हैं। कई बार मुबीन पक्ष ने ताहिर से दुकान से अपना हिस्सा मांगा। मुबीन की पत्नी नफीसा ने बताया कि मुबीन ने कुछ माह पहले तीनों दुकान बेचने के लिए कहा और उन्हें हिस्सा देने से इंकार कर दिया तो नफीसा के देवर ने दुकान किसी अन्य को देने का विरोध किया था। उसका कहना था कि दुकान उन्हेें बेचनी है तो इसके छह लाख रुपये दे देंगे, लेकिन किसी बाहरी व्यक्ति को दुकान का सौदा न करे। इसके बावजूद बीस दिन पहले ताहिर ने राशिद गाजी पक्ष के लोेगों से तीनों दुकानों का सौदा कर दिया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में एक-दो बार कहासुनी भी हुई थी। सोमवार को ताहिर बीच में कहीं दिखाई नहीं दिया औैर राशिद गाजी और मुबीन पक्ष में खूनी संघर्ष हो गया।

संपत्ति का बंटवारा हो जाता तो नहीं सुलगती चिंगारी
मुबीन की पत्नी नफीसा ने बताया कि उनके ससुर हमीद ने संपत्ति का लिखित में बंटवारा नहीं किया था। मुबीन के र्भाई ताहिर ने तीन दुकानों को किराए पर उठाया हुआ था और उसका किराया ले रहे थे। उक्त दुकानों पर कानून मुबीन का चौथा हिस्सा बनता है। हिस्सा देने से ताहिर इंकार कर रहा था। इस बात को लेकर हमारे परिवारों में काफी दिन से विवाद चल रहा था। अगर नफीसा के ससुर संपत्ति का लिखित बंटवारा कर जाते तो आज मामूली विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील नहीं होता।

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