गरीबों का रुपया डकारने वालों पर कसा शिकंजा

Bulandshahr Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
बुलंदशहर। गरीबों की मेहनत और पसीने की कमाई डकार कर डेढ़ माह पहले चंपत हुए बैंककर्मियों पर अब कोर्ट ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एक पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी बैंक कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है, लेकिन पुलिस अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
गुलावठी में संचालित एक बैंक के कर्मचारी नौ साल तक कस्बे के सौ से अधिक लोगों से रुपया एकत्रित करते रहे। फरवरी 2011 में रुपया निवेश करने वाले उपभोक्ताओं को रकम वापस होनी थी, लेकिन बैंक कर्मियों ने रुपया न आने के कारण उपभोक्ताओं को टाल दिया। इसके बाद बैंक पर ताला लटका दिया गया। कस्बा निवासी अनीसा बेगम के 1.76 लाख रुपये खाते में जमा थे। रुपये मांगने पर पीड़िता को आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी थी। पीड़िता ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़िता ने कोर्ट में गुहार लगाई, तो कोर्ट ने 17 नवंबर को थाना पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश कर दिया, लेकिन पुलिस ने तीन सप्ताह बाद भी मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
पुलिस की सुनिए
मामले की एफआईआर एक बैंक कर्मी ने पूर्व में दर्ज करा दी थी और बैंक प्रबंधक को जेल भी भेजा गया था। महिला के मामले को भी उस एफआईआर में समायोजित किया जाएगा - वीरेंद्र बिसारे, गुलावठी एसओ

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