170 मीट्रिक टन धान खराब

Bulandshahr Updated Sat, 20 Oct 2012 12:00 PM IST
बुलंदशहर। कृषि विभाग के अफसरों की लापरवाही से 170 मीट्रिक टन धान गोदाम में पड़े खराब हो रहा है। आरोप है कि समय रहते धान किसानों को आवंटित नहीं किया गया। फजीहत से बचने के लिए इसे नए बीज में मिलाकर बेचने की योजना बनाई जा रही थी। खुलासा होने पर जिला कृषि अधिकारी की रिपोर्ट पर अब शासन स्तर से जांच शुरू हो गई है।
नगर में राजकीय कृषि विद्यालय के प्रांगण में बीज की शोध और भंडारण शाला है। यहां से वेस्ट यूपी के कई जनपदों को बीज आवंटित किया जाता है। उन्त प्रजाति के इस बीज की कीमत काफी ज्यादा होती है, लेकिन किसानों को यह अनुदान पर दिया जाता है। इस पर शासन का लाखों रुपये का खर्चा आता है। धान बुवाई के बीते सीजन में धान के उन्नत बीज की बड़ी मात्रा में मांग थी। किसान बीज के लिए मारे-मारे फिर रहे थे। बीज की मारामारी को लेकर प्राइवेट में धान के बीज पर ब्लैक हुआ। इसके बावजूद जिले में कृषि विभाग के जिम्मेदार अफसर शांत रहे। ऐसे में धान का यह कीमती बीज गोदाम में ही भरा रह गया। जिला कृषि अधिकारी केएन राय ने बताया कि इसके लिए एक विभागीय अफसर जिम्मेदार है। अपनी गलती छिपाने की लिए अब वह नए बीज में पुराने को मिलाकर बेचने की तैयारी में थे। पूरे प्रकरण से शासन को अवगत करा दिया गया है। किसी भी हाल में पुराना बीज किसानों को नहीं बिकने दिया जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि शासन को पूरे हालात से अवगत करा दिया गया है। जिम्मेदार अफसर के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। किसानों के साथ नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। स्थानीय स्तर पर भी जांच टीम का गठन किया जा रहा है।

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