विभाग के पास नहीं रिकार्ड, जांच को दिया बिगाड़!

Bulandshahr Updated Thu, 18 Oct 2012 12:00 PM IST
बुलंदशहर। बिना दस्तावेज के ही विकलांग कल्याण विभाग फर्जीवाड़े की जांच करने की तैयारी कर रहा है। दस साल में जिले में लगाए गए विकलांग सहायता कैंपों और इनमें लाभ पाने वालों की जानकारी जुटाने के लिए अब पहल शुरू की जा रही है। शासन स्तर से इस तरह की जानकारी मांगे जाने के संकेत मिलने के बाद अफसरों ने कवायद तेज कर दी है, लेकिन विभाग के पास ज्यादातर रिकार्ड मौजूद ही नहीं हैं। बुलंदशहर जिले में पिछले एक दशक में ऑफ दा रिकार्ड दर्जनों स्थानों पर विकलांग सहायता कैंप लगाए गए हैं। इनमें दर्जनों पात्रों को लाभ देने का दावा किया गया है। डा. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट के विकलांग कैंप में घपले की आशंका के बाद अब सभी कैंपों के पात्रों और इन कैंपों पर खर्च दिखाए गए सरकारी धन का रिकार्ड जुटाने की कोशिश तेज की गई है। विकलांग कल्याण विभाग के सूत्रों पर विश्वास करें तो शासन ने इनकी जानकारी जुटाने के संकेत जनपद स्तरीय अधिकारियों को दे दिए हैं। इससे अफसरों की नींद उड़ गई है। दरअसल विकलांग कल्याण विभाग के पास एनजीओ के स्तर से लगने वाले कैंपों की कोई जानकारी नहीं है। किसी एनजीओ ने विभाग से पात्रों की सूची तक नहीं ली है।
जिला विकलांग कल्याण अधिकारी एसके गौतम का कहना है कि हमें हाल ही में चार्ज मिला है। उनको केवल एक फाइल दी गई है। इसके अलावा कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। उक्त फाइल में केवल एक कैंप के कागजात हैं, जिनकी जांच शासन से कराई जा रही है।

जांच शुरू, अफसर भी घबराए
मेरठ/बागपत। भारत सरकार के कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट पर निशक्तों को उपकरण देने के नाम पर अनियमितता के आरोप की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) मेरठ सेक्टर ने शुरू कर दी है। जांच के दायरे में आए अफसरों में घबराहट है।
ईओडब्ल्यू उन सभी 17 जिलों में पड़ताल कर रही है, जहां निशक्तों को उपकरण बांटने में धांधली की शिकायत आई है। ईओडब्ल्यू ने दस्तावेजों को हासिल करने के साथ संबंधित जिलों के समाज कल्याण अधिकारियों और सीएमओ से भी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। इन सभी से उपकरण मुहैया कराने के लिए अपनाई प्रक्रिया के साथ ही पत्राचार और अधिकारियों की अनुमति, संस्तुति वाले दस्तावेज मांगे हैं। मेरठ सेक्टर ईओडब्ल्यू के सूत्रों का कहना है कि बुलंदशहर की जांच पहले ही मिल चुकी है। अब मेरठ, रामपुर और शाहजहांपुर जिले के नाम भी जांच में जुड़ गए हैं। बुधवार को जांच अधिकारियों ने बुलंदशहर जनपद जाकर सभी दस्तावेजों की जांच की, मेरठ और अन्य जिलों के अधिकारियों से भी संबंधित कागजात मांगे गए हैं। उधर, बागपत की जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी डॉ. रश्मि बुधवार को बुलंदशहर के जिला विकलांग कल्याण अधिकारी ऑफिस पहुंचीं। उन्होंने बताया कि बुलंदशहर में नि:शक्तों को उपकरण वितरण को लगाए गए कैंपों के बारे में जिला विकलांग कल्याण विभाग को लिखित या मौखिक तौर पर पहले से नहीं बताया गया था। बाद में लाभार्थियों की सूची मुहैया कराई गई।

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