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नक्शे के विपरीत बनी इमारत सील

Bulandshahr Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
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बुलंदशहर। नियमों के विपरीत शहर में खड़ी हो रही इमारतों के खिलाफ बीडीए का चाबुक चलने लगा है। बृहस्पतिवार को बीडीए की टीम ने शहर में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बने एक शोरूम और डिपार्टमेंटल स्टोर को सील कर दिया। इस कार्रवाई से हड़कंप की स्थिति है।
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सिटी मजिस्ट्रेट एके सिंह, सीओ सिटी साहब सिंह यादव और बीडीए के एक्सईएन बीरी सिंह के नेतृत्व में टीम राजेबाबू रोड स्थित निर्माणाधीन एक शोरूम पर पहुंची। अफसरों ने भवन स्वामी से मानचित्र के दस्तावेज मांगे। भवन स्वामी द्वारा दिखाया गया मानचित्र और निर्माणाधीन भवन का लोकेशन विपरीत मिला। भवन करीब 80 प्रतिशत बन गया है। बीडीए अधिकारियों ने स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण किए जाने पर शोरूम को सील कर दिया और नोटिस चस्पा कर भवन स्वामी को एक सप्ताह का समय दिया है। कागजी कार्रवाई न होने पर निर्माणधीन भवन को ध्वस्त कर दिया जाएगा। इसके बाद टीम डीएवी तिराहे पर पहुंची और वहां बने डिपार्टमेंटल स्टोर की बिल्डिंग की जांच की। भवन मालिक से बिल्डिंग का नक्श और दस्तावेज मांगा। जांच में डिपार्टमेंटल स्टोर की बिल्डिंग भी स्वीकृत नक्शे के विपरीत मिली। टीम ने डिपार्टमेंटल स्टोर को भी सील कर नोटिस चस्पा कर दिया है।


इमारत बन गई तो जागा बीडीए
बुलंदशहर, खुर्जा अथॉरिटी में अवैध निर्माण और मैप स्वीकृत के विपरीत निर्माण की झड़ी लगी है। हकीकत तब सामने आती है जब अफसरों की मुट्ठी गर्म न हो। अथॉरिटी में ऐसे 150 से 200 मामले हैं जिन्हें अफसरों ने नोटिस भेज रखे हैं। आदेशों को दफ्तर में ही दबा लिया जाता है। अफसरों के सामने निर्माण होता है, लेकिन उन्हें इसकी भनक तब लगती है जब निर्माण पूरा हो जाता है।

एक वर्ष से हो रहा था निर्माण
शोरूम और डिपार्टमेंटल स्टोर निर्माण में अथॉरिटी की इस कार्रवाई को लापरवाही माना जाए या फिर गुड वर्किंग। बीडीए अफसरों के अनुसार 13 जून 2011 को शोरूम निर्माण के समय प्राधिकरण ने नक्शे के विपरीत निर्माण होते पाया तो कार्रवाई नोटिस तक ही क्यों रही। एक साल के बाद बीडीए अफसरों को शोरूम को सील करने की याद क्यों आई। फिलहाल इस सवाल पर अफसर चुप्पी साधे हैं।

आधा शहर नियमों के विपरीत बसा!
शासन ने अथॉरिटी की स्थापना इस उद्देश्य से की ताकि लोगों को आवास मिले और क्षेत्र का विकास हो सके। शहर में नर्सिंग होम, होटल, मैरिज होम, मिनी मॉल्स, शोरूम आदि को निर्माण हो रहा है। अधिकांश के नक्शे ही पास नहीं हैं तो बहुत से नक्शे के विपरीत बनाए गए हैं। यह खेल मिलीभगत से चल रहा है। प्राधिकरण की मानें तो शहर में करीब 60 से 70 फीसदी निर्माण बिना नक्शे के हैं। यानी आधे से ज्यादा शहर का विकास मिलीभगत के चलते हो गया है। नक्शा स्वीकृत न होने से राजस्व के रूप में शासन को करोड़ों का नुकसान हर वर्ष हो रहा है।

बख्शे नहीं जाएंगे दोषी : वीसी
प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और नक्शे के विपरीत हो रहे निर्माण कार्यों को रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल शोरूम और डिपार्टमेंटल स्टोर को सील कर दिया गया है। अवैध निर्माण ध्वस्त किए जाएंगे।
शैलेंद्र चौधरी, उपाध्यक्ष, बीडीए

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