सऊदी अरब में फंसे लाडलों की वापसी को सरकार से लगाएंगे गुहार

Bulandshahr Updated Tue, 25 Sep 2012 12:00 PM IST
गुलावठी। जमीन बेचकर और कर्ज लेकर सऊदी अरब कमाने गए चिड़ावक गांव के 6 युवकों की सलामती और वापसी के लिए परिजन बिलख रहे हैं। पासपोर्ट जब्त कर लेने से परदेश में फंसे युवकों को निकालने के लिए माता-पिता अब सरकार का दरवाजा खटखटाएंगे। अगर मदद न मिली तो सऊदी अरब दूतावास पर धरना देंगे। उनकी मदद के लिए अभी तक न तो कोई जनप्रतिनिधि सामने आया है और न ही प्रशासनिक अफसर। ऐसे में लाचार और बेबस परिजन बिलख रहे हैं।
गौरतलब है कि चिड़ावक गांव के छह युवक असलम, भौंदल, अकरम, विजयपाल, मुस्तकीम, शमरूद्दीन एजेंट के माध्यम से सऊदी अरब नौकरी करने गए थे। कंपनी ने उन्हें निकाल दिया। पासपोर्ट नहीं देने से वो भारत नहीं लौट पा रहे हैं। असलम के पिता मोहम्मद हारून और मां साबरा का कहना है कि वह दिल्ली जाएंगे। भारत सरकार और सऊदी अरब दूतावास में धरना देकर बच्चों को भारत लाने की गुहार लगाएंगे।

दिन रात कर रहे दुआ
असलम की मां साबरा का कहना है कि बेटे की चिंता में निवाला भी गले से नहीं उतरता। आंखों से नींद गायब हो गई है। भौंदल के भाई कासमीन का कहना है कि घर में सभी भौंदल के फोटो को देख-देखकर रोते हैं। भौंदल जब भी फोन पर बात करता है तो कहता है कि हमें यहां से निकाल लो। सऊदी अरब से करीब चार माह पूर्व वापस आए रहीसुद्दीन ने बताया कि एजेंटों द्वारा चालक की नौकरी के लिए सऊदी भेजे गए काफी लोग मजदूरी करके गुजारा कर रहे हैं।

एक युवक जेल में बंद
गुलावठी। चिड़ावक गांव में एक ओर परिवार के सामने विपत्तियां आन पड़ी हैं। गांव का एक युवक शकरूद्दीन पुत्र यासीन सऊदी अरब में चालक की नौकरी करने गया था, लेकिन उसे किसी मामले में जेल भेज दिया गया। यहां गांव में परिजन रो रोकर बेहाल हैं। सोमवार को ग्राम चिड़ावक में शकरूद्दीन की पत्नी मुबीना और भाई फकरूद्दीन ने रोते हुए बताया कि करीब दो साल पहले एक एजेंट के माध्यम से शकरूद्दीन ड्राइवर की नौकरी करने के लिए सऊदी अरब गया था। उसने अपना खेत गिरवी रखकर एजेंट को लाख रुपये से ज्यादा की रकम दी थी। शकरूद्दीन के बड़े भाई फकरूद्दीन ने बताया कि शकरूद्दीन जिस कंपनी में काम करता था, कंपनी से माल लादकर दूसरी कंपनी ले गया था। जिस कंपनी में वह माल लेकर गया था उस पर कोई इल्जाम लगाकर पुलिस के हवाले कर दिया। शकरूद्दीन ने परिजनों को फोन पर बताया कि वह बेकसूर है। उसकी पत्नी और चार बच्चे गांव में तंगी में जी रहे हैं। गांव के एक बुजुर्ग मंजूर खां ने कहा कि अब लोग सऊदी अरब जाने तौबा करनेे लगे हैं।

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