असली-नकली की पहचान करेगा ‘केवाईसी’

Bulandshahr Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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बुलंदशहर। गैस कंपनियां अब असली और नकली उपभोक्ताओं की पहचान में जुटी हैं। कंपनियों को शक है कि जिले में बड़े पैमाने पर रसोई गैस सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी हो रही है। वर्तमान ग्राहकों की हकीकत जानने के लिए केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) फार्म निकाला है। इस फार्म के जरिए उपभोक्ता के वर्तमान पते, शहर या रसोई गैस उपयोग करने वाले व्यक्ति की जानकारी मिल सकेगी।
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एलपीजी के सालों पुराने उपभोक्ताओं के नाम पर भले ही अब रसोई गैस बांटी जा रही है, लेकिन उसके वास्तविक हकदार को यह लाभ मिल रहा है या नहीं इसकी जानकारी गैस कंपनियों को अभी तक नहीं थी। रसोई गैस वितरण को पारदर्शी बनाने के साथ असली और नकली उपभोक्ताओं की पहचान भी शुरू हो गई है।
भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने उपभोक्ताओं से फार्म भरवाना शुरू कर दिया है। एलपीजी डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष डीपी सिंह ने बताया कि कई एजेंसियों पर फार्म भरना शुरू हो गया है। इस पहल से एजेंसियों पर लगने वाले आरोपों का सच सामने आएगा।
फार्म में देना होगा पूरा ब्योरा
इस फार्म के जरिए ग्राहकों का मौजूदा पता और मोबाइल नंबर अपडेट करने के साथ दिवंगत उपभोक्ताओं के कनेक्शन को परिवार के दूसरे व्यक्ति के नाम पर हस्तांतरित करने का काम भी किया जाएगा। कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें यह जानकारी है कि वर्षों पहले कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं में से सैकड़ों लोगों की मृत्यु हो चुकी है। जिनके नाम पर अभी भी रिफिल सिलेेंडर बंट रहे हैं। ऐसी समस्याओं का हल भी केवाईसी फार्म के जरिए निकल सकेगा।
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